Anuparna Roy: इटली में हुए प्रतिष्ठित वेनिस फिल्म फेस्टिवल में भारतीय फिल्ममेकर अनुपर्णा रॉय ने अपनी फिल्म ‘सॉन्ग्स ऑफ फॉरगॉटन ट्रीज’ के लिए बेस्ट डायरेक्टर का अवॉर्ड जीतकर इतिहास रच दिया है। यह उपलब्धि न सिर्फ अनुपर्णा के लिए, बल्कि पूरे भारतीय सिनेमा के लिए गर्व की बात है। वेनिस फिल्म फेस्टिवल के समापन समारोह में यह पुरस्कार फ्रांसीसी फिल्मकार जूलिया ड्यूकुर्नो द्वारा प्रदान किया गया। इस अवॉर्ड ने भारत का नाम अंतरराष्ट्रीय फिल्म जगत में और भी बुलंद कर दिया है।

अनुपर्णा रॉय कौन हैं?
अनुपर्णा रॉय एक जानी-मानी और प्रतिभाशाली फिल्ममेकर हैं, जिन्होंने अपनी फिल्मों के माध्यम से सामाजिक मुद्दों को बारीकी से प्रस्तुत किया है। उनका नाम खासतौर पर 2023 में आई फिल्म ‘रन टू द रिवर’ से पहचाना गया। साल 2025 में रिलीज़ हुई उनकी फिल्म ‘सॉन्ग्स ऑफ फॉरगॉटन ट्रीज’ को खासा सराहा गया है, जिसने उन्हें वेनिस फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट डायरेक्टर का सम्मान दिलाया।

‘सॉन्ग्स ऑफ फॉरगॉटन ट्रीज’ का विषय
यह फिल्म प्रवासी महिलाओं की जिंदगी को केंद्र में रखती है। फिल्म में उनके संघर्ष, अकेलेपन और जिंदादिली को खूबसूरती से दर्शाया गया है। यह फिल्म ‘ओरिजोंटी सेक्शन’ का हिस्सा बनी, जो वेनिस फिल्म फेस्टिवल में एक खास कैटेगरी है। उल्लेखनीय है कि यह पहली भारतीय फिल्म है जिसे इस सेक्शन में शामिल किया गया है। फिल्म की सफलता में बॉलीवुड के जाने-माने निर्देशक अनुराग कश्यप का भी योगदान रहा है।
फिल्म की प्रमुख कलाकार और प्रतिक्रिया
‘सॉन्ग्स ऑफ फॉरगॉटन ट्रीज’ में नाज शेख और सुमी बघेल ने मुख्य भूमिकाएँ निभाई हैं। इसके अलावा भूषण शिम्पी, रवि मान और प्रीतम पिलानिया ने भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। अवॉर्ड प्राप्ति के समय अनुपर्णा रॉय सफेद साड़ी में बेहद खूबसूरत और भावुक नजर आईं। उन्होंने अपने सपने को साकार करने में सहयोग देने वाले जूरी, कलाकारों और अनुराग कश्यप का धन्यवाद भी किया।
भारत के लिए बड़ी उपलब्धि
अनुपर्णा रॉय की इस जीत ने भारतीय सिनेमा के लिए नए अवसर खोले हैं। वेनिस फिल्म फेस्टिवल जैसे बड़े मंच पर भारत की पहचान बनाना बड़ी बात है। सोशल मीडिया पर फैंस और फिल्म जगत के लोग उनकी इस उपलब्धि को लेकर उन्हें बधाई दे रहे हैं।
अनुपर्णा रॉय की कहानी और उनकी फिल्म ‘सॉन्ग्स ऑफ फॉरगॉटन ट्रीज’ भारतीय सिनेमा में एक नई दिशा की मिसाल हैं। यह सफलता भारतीय महिलाओं और प्रवासी समुदाय की आवाज़ को वैश्विक मंच पर पहुंचाने का महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। आने वाले समय में अनुपर्णा से और बड़ी उम्मीदें जुड़ी हैं।










