Ambikapur News : भाजपा सरकार के वरिष्ठ मंत्री केदार कश्यप पर जगदलपुर सर्किट हाउस में शनिवार शाम एक लकवाग्रस्त शासकीय कर्मचारी के साथ मारपीट, अभद्र भाषा और जातिसूचक गालियां देने की घटना ने प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है। इस घटना के विरोध में रविवार को जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा ने अंबिकापुर के घड़ी चौक पर मंत्री का पुतला दहन करते हुए उनकी तत्काल मंत्रिमंडल से बर्खास्तगी की मांग की।

पीड़ित कर्मचारी हितेंद्र पांडे ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि मंत्री ने कमरे न खोलने का आरोप लगाते हुए थप्पड़ और जूतों से मारपीट की, जबकि कमरे पहले से खुले थे और वह नाश्ता बनाने गया हुआ था। आवेदन में उल्लेख है कि मंत्री ने न केवल अपशब्द कहे बल्कि जातिसूचक गालियां भी दीं। कर्मचारी का कहना है कि उसकी शारीरिक स्थिति को जानते हुए भी मंत्री ने अमानवीय व्यवहार किया।

प्रदेश कांग्रेस ने इसे सत्ता के अहंकार और संवेदनहीनता की पराकाष्ठा बताते हुए पूरे छत्तीसगढ़ में मंत्री का पुतला दहन करने का निर्णय लिया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कहा कि जो मंत्री कर्मचारियों की गरिमा का सम्मान नहीं कर सकता, उसे मंत्री बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री से उनकी तत्काल बर्खास्तगी की मांग की है।
अंबिकापुर में हुए प्रदर्शन में 20 सूत्रीय कार्यक्रम के पूर्व उपाध्यक्ष अजय अग्रवाल, निगम में नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद, पीसीसी महामंत्री द्वितेंद्र मिश्रा, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हेमंत सिन्हा समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पूर्व उपमुख्यमंत्री सिंहदेव की प्रतिक्रिया
इस घटना पर पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह घटना सत्ता के अहंकार और असंवेदनशीलता को उजागर करती है। उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा सरकार में जब कर्मचारी ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम जनता की सुरक्षा की गारंटी कौन देगा? सिंहदेव ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की सेवा करने वालों के साथ दुर्व्यवहार अस्वीकार्य है और सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि ऐसे मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई होगी या सत्ता के दबाव में मामला दबा दिया जाएगा।










