Bihar Elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले महागठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर मंथन शुरू हो गया है। 6 सितंबर 2025 को पटना में RJD के प्रमुख तेजस्वी यादव की अध्यक्षता में महागठबंधन की को-ऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक हुई, जिसमें आगामी चुनाव के लिए सीट बंटवारे पर विचार-विमर्श किया गया। सूत्रों के अनुसार, 15 सितंबर तक सीट शेयरिंग के फार्मूले का ऐलान संभव है।

कांग्रेस का दावा: 66 सीटें, लेकिन RJD की शर्तें
RJD के विश्वसनीय सूत्रों ने न्यूज 24 को बताया कि कांग्रेस इस बार 66 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है। पिछली बार कांग्रेस ने 70 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन इस बार 4 सीटें कम करने का प्रस्ताव है। हालांकि, RJD इस मांग को पूरी तरह स्वीकार नहीं कर रहा है और कांग्रेस को लगभग 50 से 55 सीटों के बीच संतोष करना होगा।

कांग्रेस का दावा है कि 46 सीटें उसके लिए पक्की हैं, जबकि तेजस्वी यादव कांग्रेस को 46 से अधिकतम 10 सीटें और देने को तैयार हैं। यानी कुल मिलाकर कांग्रेस को 56 सीटों तक ही सीमित रखा जा सकता है।
RJD की दलील और अन्य पार्टियों का सम्मान
RJD ने पिछली बार के चुनाव परिणामों का हवाला देते हुए कहा है कि 2020 में कांग्रेस ने 19 सीटें जीती थीं और 27 सीटों पर वह दूसरे नंबर पर रही थी, इसलिए कम से कम 46 सीटें कांग्रेस को मिलनी चाहिए।
तेजस्वी यादव का कहना है कि महागठबंधन में शामिल अन्य दलों जैसे VIP के मुकेश सहनी, JVM के हेमंत सोरेन, और पशुपति कुमार पारस की पार्टी को भी सम्मानजनक सीटें देना जरूरी है। इस वजह से बड़ी पार्टियों को अपने सीट शेयर में कुछ कटौती करनी पड़ सकती है।
सीट शेयरिंग की अहमियत और गठबंधन का विस्तार
RJD इस बार लगभग 140 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है, जबकि कांग्रेस की योजना 60 से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने की है। महागठबंधन में सभी पार्टियों को संतुलित सीटें देने के लिए तेजस्वी यादव और अन्य नेताओं के बीच समझौता करना जरूरी है, जिससे गठबंधन की ताकत बनी रहे और चुनावी सफलता सुनिश्चित हो सके।
2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन के लिए सीट शेयरिंग का मसला सबसे बड़ा मुद्दा है। कांग्रेस और RJD के बीच सीटों को लेकर जारी मंथन अगले कुछ दिनों में नई रणनीति और गठबंधन की ताकत तय करेगा। 15 सितंबर को होने वाले संभावित ऐलान से बिहार की राजनीति में अगले चरण की शुरूआत होगी।
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