GST Rate Changes : मोदी सरकार ने त्योहारों से पहले देशवासियों को बड़ा तोहफा देते हुए जीएसटी (GST) दरों में ऐतिहासिक कटौती की है। हाल ही में हुई जीएसटी परिषद (GST Council) की बैठक में टैक्स स्लैब की संरचना को पूरी तरह सरल बनाते हुए 400 से अधिक वस्तुओं पर टैक्स दरों में कटौती की गई है। नई कर दरें 22 सितंबर 2025 से लागू होंगी। अब 5% और 18% के दो स्लैब होंगे, जबकि सिगरेट और तंबाकू जैसी अहितकर वस्तुओं पर विशेष 40% की दर प्रभावी रहेगी।

पीएम मोदी के निर्देश से शुरू हुई थी पहल
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने PTI-भाषा को दिए इंटरव्यू में खुलासा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीएसटी को और सरल और व्यवसाय-अनुकूल बनाने के निर्देश बहुत पहले ही दे दिए थे। उन्होंने बताया कि जैसलमेर में दिसंबर 2024 में हुई पिछली GST बैठक से पहले ही प्रधानमंत्री ने फोन कर दरों और प्रणाली की जटिलताओं को दूर करने को कहा था। इसके बाद वित्त मंत्रालय ने व्यापक समीक्षा और विश्लेषण की प्रक्रिया शुरू की।

9 महीने चली तैयारी, पीएम को दी जानकारी
वित्त मंत्री ने बताया कि फरवरी 2025 से लेकर मई 2025 तक जीएसटी के सभी पहलुओं पर गंभीरता से काम किया गया। वस्तुओं के वर्गीकरण से लेकर दरों की समीक्षा तक सब कुछ नए सिरे से खंगाला गया। इस बीच उन्होंने प्रधानमंत्री को प्रस्ताव की जानकारी दी, जिसके बाद इसे केंद्र सरकार के प्रस्ताव के रूप में जीएसटी परिषद में प्रस्तुत किया गया।
जीओएम के सुझावों का सम्मान, लेकिन नई पहल केंद्र से
सीतारमण ने कहा कि मंत्री समूह (GOM) पिछले डेढ़ साल से इस मुद्दे पर काम कर रहा था। उन्होंने उनके प्रयासों की सराहना की, लेकिन स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री की मंशा को देखते हुए केंद्र ने अलग से यह प्रस्ताव तैयार किया और GST परिषद में पेश किया। परिषद में केंद्र की एक-तिहाई हिस्सेदारी होती है।
क्या है नया GST ढांचा?
पुराने चार स्लैब: 5%, 12%, 18% और 28%
नए दो स्लैब: 5% और 18%
विशेष दर: 40% (सिर्फ तंबाकू, सिगरेट, पान मसाला जैसी अहितकर वस्तुएं)
किन वस्तुओं पर सस्ता होगा टैक्स?
करीब 400 से अधिक वस्तुओं पर दरें कम की गई हैं, जिनमें शामिल हैं:
एलईडी टेलीविजन
एयर कंडीशनर
घरेलू किचन अप्लायंसेज
फूड प्रॉडक्ट्स
रेस्त्रां सेवाएं
बच्चों के उपयोग की वस्तुएं
कारोबारियों और आम जनता को राहत
सरकार के इस फैसले से छोटे और मझोले व्यवसायों को जीएसटी फाइलिंग में आसानी होगी, वहीं आम उपभोक्ताओं को महंगाई से राहत मिलेगी। यह कदम आगामी त्योहारों जैसे नवरात्रि, दशहरा, दिवाली और छठ से पहले लिया गया है, जिससे बाजार में मांग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। मोदी सरकार का यह फैसला न केवल कर प्रणाली को सरल बनाने की दिशा में एक अहम कदम है, बल्कि यह उपभोक्ताओं और व्यापारियों दोनों के लिए बड़ी राहत भी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर शुरू हुई यह प्रक्रिया अब देशभर में आर्थिक सुधारों के एक और उदाहरण के रूप में देखी जा रही है। आगामी दिनों में इसका असर त्योहारी बिक्री और बाजार की तेजी पर भी दिखाई देगा।










