Chandra Grahan 2025: रविवार रात देशभर में आसमान एक अद्भुत खगोलीय नज़ारे का गवाह बना। 7 साल बाद भारत में पूर्ण चंद्रग्रहण देखा गया, जिसे आम लोगों ने भी बिना किसी उपकरण के खुली आंखों से देखा। यह चंद्रग्रहण रात 9:57 बजे शुरू हुआ और 3 घंटे 28 मिनट तक चला। ग्रहण का सबसे प्रमुख हिस्सा यानी पूर्ण चंद्रग्रहण 82 मिनट तक चला, जब चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की छाया में ढक गया और वह गहरे लाल रंग का दिखाई दिया। यही कारण है कि इसे ‘ब्लड मून’ कहा जाता है।



27 जुलाई 2018 के बाद पहली बार दिखा पूर्ण चंद्रग्रहण


इससे पहले 27 जुलाई 2018 को देशभर में ऐसा नज़ारा देखने को मिला था। तमिलनाडु से चंद्रग्रहण की शुरुआत हुई और फिर यह देश के अन्य हिस्सों में भी साफ देखा गया। देर रात 12:22 बजे चंद्रमा पर से पृथ्वी की छाया हट गई और वह फिर से अपनी सामान्य दूधिया चमक में लौट आया।

चंद्रग्रहण कैसे और क्यों होता है?

चंद्रग्रहण तब होता है जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं और पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है। इस स्थिति में सूर्य का प्रकाश चंद्रमा तक नहीं पहुंच पाता और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है, जिससे चंद्रग्रहण होता है। यह घटना केवल पूर्णिमा की रात को ही संभव होती है।

चंद्रग्रहण के प्रकार

चंद्रग्रहण मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं:
पूर्ण चंद्रग्रहण (Total Lunar Eclipse): जब चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की छाया में आ जाता है। यह सबसे दुर्लभ और आकर्षक होता है।
आंशिक चंद्रग्रहण (Partial Lunar Eclipse): जब चंद्रमा का कुछ हिस्सा ही पृथ्वी की छाया से ढंकता है।
उपछाया चंद्रग्रहण (Penumbral Eclipse): इसमें केवल चंद्रमा की बाहरी सतह पर हल्की छाया पड़ती है, जिसे देख पाना मुश्किल होता है।
देश-विदेश से आईं शानदार तस्वीरें
इस खगोलीय घटना की तस्वीरें देशभर के शहरों से सामने आईं। दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, भोपाल, लखनऊ सहित दुनिया के कई देशों में लोगों ने इस नजारे को कैमरे में कैद किया। कई खगोल प्रेमियों और फोटोग्राफर्स ने सोशल मीडिया पर #BloodMoon और #LunarEclipse2025 हैशटैग के साथ खूबसूरत तस्वीरें साझा कीं।
यह चंद्रग्रहण न केवल खगोल विज्ञान के छात्रों और विशेषज्ञों के लिए बल्कि आम जनता के लिए भी एक यादगार अनुभव रहा। अगला पूर्ण चंद्रग्रहण भारत में कब दिखाई देगा, यह जानने के लिए लोग पहले से ही उत्साहित हैं।
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