Surguja News : सरगुजा जिले के लुण्ड्रा थाना अंतर्गत गुजरवार पारा खाराडांड गांव से अंधविश्वास की एक अत्यंत शर्मनाक और हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां एक 65 वर्षीय असहाय विधवा महिला धनेश्वरी नागेश को ‘टोनही’ (डायन) करार देकर न केवल सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया, बल्कि उसके साथ बेरहमी से मारपीट भी की गई। इस घटना ने एक बार फिर समाज में व्याप्त कुरीतियों और अंधविश्वास की कड़वी सच्चाई को उजागर किया है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसे लंबे समय से प्रताड़ित किया जा रहा था, लेकिन इस बार आरोपियों ने क्रूरता की सारी सीमाएं लांघ दीं।

सामाजिक बैठक में शुरू हुआ अपमान और मारपीट का सिलसिला
पीड़िता धनेश्वरी नागेश द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, यह घटना 1 जुलाई 2026 को गांव में आयोजित एक सामाजिक बैठक के दौरान शुरू हुई। जब धनेश्वरी बैठक में मौजूद थी, तभी गांव के अनु नागेश और मंगल नागेश ने उसे सबके सामने ‘टोनही’ कहकर संबोधित करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए उस पर हाथ उठाना शुरू कर दिया। वहां मौजूद ग्रामीणों ने बमुश्किल बीच-बचाव कर पीड़िता को बचाया। लेकिन यह तो केवल एक शुरुआत थी, क्योंकि आरोपियों की मंशा कुछ और ही थी।

घर में घुसकर तोड़फोड़ और जानलेवा हमले की कोशिश
उसी शाम आरोपियों ने अपनी हवस और क्रूरता का प्रदर्शन करते हुए धनेश्वरी के घर पर धावा बोल दिया। अनु नागेश, बिक्रम नागेश और मंगल नागेश ने यह चिल्लाते हुए कि “आज इस टोनही बुढ़िया को जान से खत्म कर देंगे,” उसके घर का दरवाजा तोड़ दिया। आरोपियों ने न केवल महिला के साथ पुनः मारपीट की, बल्कि उसके कच्चे घर की छत को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। इस खौफनाक मंजर के दौरान गांव के कई लोग वहां मौजूद थे, जो इस पूरे घटनाक्रम के प्रत्यक्षदर्शी बने।

लंबे समय से चल रही थी प्रताड़ना, पुलिस ने दर्ज किया मामला
धनेश्वरी का कहना है कि आरोपी लंबे समय से उसे टोनही कहकर परेशान कर रहे थे। वे एक अन्य ग्रामीण मनु नागेश की मौत का जिम्मेदार धनेश्वरी को ठहरा रहे थे, जिसके कारण अंधविश्वास की आग में जलते हुए वे आए दिन उसे प्रताड़ित करते थे। घटना के बाद, 2 जुलाई को पीड़िता लुण्ड्रा थाने पहुंची थी, लेकिन शारीरिक अस्वस्थता के चलते उसे घर लौटना पड़ा। अंततः 4 जुलाई को उसने दोबारा थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी।
प्रशासन की कड़ी चेतावनी: टोनही प्रताड़ना अधिनियम के तहत होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। लुण्ड्रा पुलिस ने आरोपियों—अनु नागेश, बिक्रम नागेश और मंगल नागेश—के खिलाफ ‘टोनही प्रताड़ना अधिनियम’ की सुसंगत धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अंधविश्वास के नाम पर किसी भी निर्दोष को प्रताड़ित करना एक गंभीर संज्ञेय अपराध है। पुलिस अब प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कर रही है और आरोपियों की धरपकड़ की तैयारी की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और पीड़िता को न्याय दिलाया जाएगा।
Read More : Badrinath Dham Case : बद्रीनाथ धाम चढ़ावा विवाद की जांच तेज, चार सदस्यीय टीम गठित, विपक्ष ने सरकार को घेरा











