Bijapur Cash Fraud: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से एक बड़ा वित्तीय धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें कंपनी के कैश कलेक्शन एजेंट ने अपने भाई के साथ मिलकर करीब 41 लाख रुपये का गबन किया है। आरोपी लखेश्वर मांझी, जो सीएमएस इनफार्मेशन सिस्टम लिमिटेड कंपनी के लिए एजेंट के रूप में कार्यरत था, ने जून महीने में ग्राहकों से वसूली गई रकम जमा करने के बजाय उसे निजी खर्चों में उड़ाया। आरोपी के भाई की भी इस मामले में संलिप्तता पाई गई है, जो कंपनी में टीम लीडर पद पर कार्यरत है।

41 लाख रुपये का गबन कैसे हुआ?
जानकारी के अनुसार, लखेश्वर मांझी कंपनी के लिए लंबे समय से कैश कलेक्शन एजेंट था। वह ग्राहकों से प्रतिदिन लाखों रुपये की राशि वसूलता था और नियमित तौर पर इसे कंपनी के खाते में जमा करता था। लेकिन 27 जून से 31 जून के बीच उसने कुल 41,23,054 रुपये की राशि जमा करने के बजाय निजी खर्चों में लगा दी। जांच में पाया गया कि आरोपी के भाई ने भी इस कांड में भूमिका निभाई है।

कंपनी मैनेजर ने की शिकायत, हुई पुलिस कार्रवाई
जब कंपनी प्रबंधन को इस वित्तीय गड़बड़ी की जानकारी हुई तो उन्होंने तुरंत जांच कराई। भिलाई स्थित कंपनी के मैनेजर हितेश कुमार पटेल ने इस मामले में बीजापुर सिटी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने लखेश्वर मांझी और उसके भाई के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 316(5) और 318(4) के तहत अपराध दर्ज किया है।
आरोपी गिरफ्तार, भाई की भूमिका की जांच जारी
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लखेश्वर मांझी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। वहीं, आरोपी के भाई की भूमिका की जांच जारी है। पुलिस अधिकारी इस मामले को गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी मानते हैं, जिसमें कंपनी और उसके ग्राहकों का विश्वास टूट गया है।
कंपनी और ग्राहकों को हुआ भारी नुकसान
यह घटना न केवल कंपनी के लिए बल्कि ग्राहकों के लिए भी बड़ा झटका है, क्योंकि एजेंट की विश्वसनीयता पर प्रश्न चिन्ह लग गया है। सीएमएस इनफार्मेशन सिस्टम लिमिटेड जैसी बड़ी कंपनी के लिए यह गबन कंपनी की प्रतिष्ठा पर असर डालने वाला मामला है।
बीजापुर में हुई यह वित्तीय धोखाधड़ी कंपनी प्रबंधन, पुलिस और न्यायपालिका के लिए एक गंभीर चुनौती बन गई है। एजेंट और उसके भाई की भूमिका की जांच चल रही है ताकि दोषियों को कानून के तहत कड़ी सजा दिलाई जा सके। कंपनी ग्राहकों के हितों की रक्षा के लिए और भरोसा कायम रखने के लिए भी कदम उठा रही है।










