Punjab flood relief : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को पंजाब के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और गुरदासपुर में बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर हालात का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने 1600 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वित्तीय सहायता की घोषणा की, जो राज्य को पहले से स्वीकृत ₹12,000 करोड़ के पैकेज से अलग है। यह सहायता बाढ़ से हुए व्यापक नुकसान की भरपाई, पुनर्वास और बुनियादी ढांचे की मरम्मत में उपयोग की जाएगी।

बाढ़ पीड़ितों को सीधी राहत
प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि: मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख की आर्थिक सहायता दी जाएगी। गंभीर रूप से घायलों को ₹50,000 की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की अगली किस्त अग्रिम तौर पर जारी की जाएगी। SDRF (राज्य आपदा मोचन कोष) की दूसरी किस्त भी तत्काल जारी करने का आदेश दिया गया है।

किसानों और ग्रामीणों के लिए खास योजनाएं
पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि किसानों और ग्रामीण इलाकों को फिर से खड़ा करना सरकार की प्राथमिकता है। इसके तहत: बाढ़ में क्षतिग्रस्त कुओं और बोरवेल की मरम्मत के लिए राष्ट्रीय कृषि विकास योजना से मदद दी जाएगी। डीजल पंप चलाने वाले किसानों को सोलर पंप लगाने में MNRE (नई और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय) की सहायता मिलेगी। सूक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा देने के लिए ‘Per Drop More Crop’ योजना के तहत मदद की जाएगी।
पुनर्निर्माण और बुनियादी ढांचे का सुधार
प्रधानमंत्री ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में घर, सड़क, स्कूल और जल-संरचनाएं दोबारा विकसित करने के लिए भी कई योजनाओं की घोषणा की: प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत विशेष पुनर्निर्माण प्रोजेक्ट चलाया जाएगा। समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत सरकारी स्कूलों की मरम्मत और पुनर्निर्माण में मदद की जाएगी। जल संचय और संरक्षण के लिए ‘जल संचय जन भागीदारी कार्यक्रम’ के तहत रिचार्ज स्ट्रक्चर बनाए जाएंगे।
केंद्र सरकार की निगरानी और सहयोग
प्रधानमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने अंतर-मंत्रालयी टीमों को पंजाब भेजा है जो नुकसान का विस्तृत आकलन कर रही हैं। उनकी रिपोर्ट के आधार पर आवश्यकतानुसार और मदद दी जाएगी।
प्रधानमंत्री मोदी की यह घोषणा पंजाब के बाढ़ पीड़ितों के लिए एक बड़ी राहत मानी जा रही है। 1600 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता से जहां बाढ़ प्रभावित परिवारों को पुनः बसाने में मदद मिलेगी, वहीं कृषि और बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण के लिए भी ठोस कदम उठाए जाएंगे। केंद्र की यह सक्रिय पहल राज्य को जल्द सामान्य स्थिति में लौटने में मदद करेगी।










