Raipur Woman Fire : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में घरेलू हिंसा की शिकार एक महिला ने थाने के बाहर खुद को आग लगाकर आत्महत्या की कोशिश की। यह दर्दनाक घटना रायपुर के महिला थाना परिसर में हुई, जहां पीड़िता काउंसलिंग के लिए पहुंची थी। आग लगाते ही महिला चीखते-चिल्लाते हुए थाने के अंदर घुस गई, जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने तत्काल कपड़े और पानी डालकर आग बुझाई। महिला गंभीर रूप से झुलस गई है और उसे इलाज के लिए डीकेएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

5 साल पहले की थी लव मैरिज, शादी के बाद शुरू हुआ अत्याचार
पीड़िता की बहन के अनुसार, महिला ने साल 2020 में शिवम गोस्वामी से लव मैरिज की थी। शुरुआत से ही पति द्वारा शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा था। महिला के दो छोटे बच्चे भी हैं। बहन ने बताया कि शिवम नशे का आदी, जुआ-सट्टा खेलने वाला और आक्रामक स्वभाव का व्यक्ति है।

बार-बार की मारपीट, धमकी और पुलिस की निष्क्रियता
पीड़िता की बहन ने बताया कि आरोपी पति अक्सर बहन को रात में घर से निकाल देता था और गाली-गलौज व मारपीट करता था। उसने बहन को जान से मारने की धमकी भी दी थी। दिवाली से पहले सिर फोड़ने की घटना भी सामने आई थी, जिसकी शिकायत पुरानी बस्ती थाने में की गई थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।”वो कहता था तुम लोग मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते, तुम्हारे भाई-बहन को चाकू मार दूंगा,” पीड़िता की बहन

थाने के सामने आग लगाकर अंदर घुसी महिला
मंगलवार दोपहर करीब 12:30 बजे, महिला महिला थाना परिसर में पहुंची थी। वह कुछ देर तक बाहर बैठी रही, फिर अचानक अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली और चीखते हुए थाने के अंदर घुस गई। पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत आग बुझाई और महिला को अस्पताल पहुंचाया। महिला की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
जांच में जुटी पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। फिलहाल परिजनों के बयान लिए जा रहे हैं और यह जांच की जा रही है कि महिला ने किस पदार्थ से खुद को आग लगाई। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है, और जल्द ही आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रायपुर में सामने आई यह घटना घरेलू हिंसा के खिलाफ चेतावनी है। यह दर्शाता है कि किस तरह एक महिला न्याय न मिलने और प्रशासन की लापरवाही से तंग आकर आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हो जाती है। अब जरूरत है कि पुलिस त्वरित कार्रवाई करे और ऐसे मामलों में संवेदनशीलता के साथ न्याय सुनिश्चित हो।











