Asia Cup 2025: महिला एशिया कप 2025 के सुपर-4 चरण की शुरुआत भारतीय महिला हॉकी टीम ने धमाकेदार जीत के साथ की है। भारत ने कोरिया को 4-2 से हराकर न सिर्फ तीन अहम अंक हासिल किए, बल्कि फाइनल की रेस में मजबूत दावेदारी भी पेश की। मैच में भारत की ओर से वैष्णवी विठ्ठल फाल्के, संगिता कुमारी, लालरेमसियामी, और रुतुजा दादासो पिसल ने शानदार गोल किए, जबकि कोरिया की तरफ से युजिन किम ने दो गोल दागे।

पहले ही मिनट में बढ़त, आक्रामक शुरुआत
भारत ने मुकाबले की शुरुआत बेहद आक्रामक अंदाज में की। मैच के महज दूसरे मिनट में ही पेनल्टी कॉर्नर हासिल हुआ, जिसे वैष्णवी फाल्के ने गोल में बदलते हुए भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी। इसके बाद भी भारत का दबदबा बना रहा, हालांकि पहले क्वार्टर के अंत तक टीम दो पेनल्टी कॉर्नर भुनाने में नाकाम रही।

शानदार डिफेंस और गोलकीपिंग
दूसरे क्वार्टर में भारत ने लगातार हमले जारी रखे। हालांकि कोरियन गोलकीपर ने कुछ बेहतरीन बचाव किए। वहीं, भारतीय गोलकीपर बिचू देवी खारीबम ने कोरिया की पेनल्टी कॉर्नर पर शानदार डाइविंग सेव कर स्कोर 1-0 बनाए रखा। हाफ टाइम तक भारत बढ़त में रही।
तीसरे क्वार्टर में गोलों की बरसात
तीसरे क्वार्टर में मैच और रोमांचक हो गया। रुतुजा पिसल ने शानदार मूव बनाते हुए संगिता कुमारी को पास दिया, जिन्होंने गोल कर स्कोर 2-0 कर दिया। कोरिया ने तुरंत जवाब दिया और युजिन किम ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल कर स्कोर 2-1 किया। इसके बाद, भारत ने तेजी से वापसी करते हुए लालरेमसियामी के दमदार फील्ड गोल से 3-1 की बढ़त हासिल कर ली।
अंतिम क्वार्टर में कोरिया की कोशिश और भारत की मुहर
मैच के चौथे और अंतिम क्वार्टर में कोरिया ने हवाई पास और तेज मूवमेंट से वापसी की कोशिश की। युजिन किम ने एक और गोल दागते हुए स्कोर 3-2 कर दिया। लेकिन भारत ने दबाव में धैर्य नहीं खोया। आखिरी मिनटों में रुतुजा पिसल ने फिर से कमाल दिखाया और उदीता के ब्लॉक हुए शॉट के रिबाउंड को गोल में बदलते हुए जीत को 4-2 से पक्का कर दिया।
चीन से अगला मुकाबला
भारत की यह जीत सुपर-4 में आत्मविश्वास से भरी शुरुआत है। टीम अब गुरुवार, 11 सितंबर 2025 को मेजबान चीन के खिलाफ अगला मुकाबला खेलेगी, जो सेमीफाइनल की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशिया कप 2025 के सुपर-4 में जिस तरह से कोरिया को हराया, वह उनके संतुलित खेल, आक्रामक रणनीति और डिफेंसिव मजबूती का बेहतरीन उदाहरण है। युवा खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन ने एक बार फिर दिखा दिया कि भारत इस टूर्नामेंट में चैंपियन बनने का दम रखता है।










