ABVP Protest : छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर स्थित संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय में कथित वित्तीय अनियमितताओं और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर छात्रों का आक्रोश खुलकर सामने आया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए अंबिकापुर-रामानुजगंज मुख्य मार्ग पर स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-343) को कुछ समय के लिए जाम कर दिया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय में सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई, अधूरे निर्माण कार्य और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए। छात्रों का कहना है कि लंबे समय से इन समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित कराया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

वित्तीय अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप लगाए। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय में सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर हर महीने लगभग 9 लाख रुपये खर्च दर्शाए जाते हैं, जबकि परिसर में सुरक्षा की स्थिति संतोषजनक नहीं है। इसी तरह साफ-सफाई और फिनायल जैसी सामग्री की खरीद पर भी प्रति माह तीन लाख रुपये से अधिक खर्च दिखाया जाता है, लेकिन परिसर में स्वच्छता व्यवस्था बेहद खराब दिखाई देती है। छात्रों ने मांग की कि इन सभी खर्चों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

अधूरे निर्माण कार्यों से छात्रों को हो रही परेशानी
छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय के नए परिसर का निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा है। कई आवश्यक भवन और सुविधाएं अब तक पूरी नहीं हो सकी हैं, जिससे पढ़ाई और अन्य गतिविधियों पर भी असर पड़ रहा है। उनका आरोप है कि निर्माण कार्यों में लगातार देरी होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और खर्च की भी जांच कराई जाए तथा अधूरे कार्यों को जल्द पूरा किया जाए।
जर्जर सड़क बनी छात्रों की बड़ी समस्या
प्रदर्शन का एक प्रमुख मुद्दा विश्वविद्यालय तक पहुंचने वाली सड़क की खराब स्थिति भी रही। छात्रों ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-343 से विश्वविद्यालय परिसर तक जाने वाली लगभग तीन किलोमीटर लंबी सड़क काफी समय से जर्जर अवस्था में है। बरसात के मौसम में यह सड़क और अधिक खराब हो जाती है, जिससे छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को प्रतिदिन आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को लेकर छात्रों ने हाईवे जाम कर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की और सड़क के शीघ्र निर्माण की मांग उठाई।
सांसद चिंतामणि महाराज पर भी उठाए सवाल
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज पर भी सवाल उठाए। छात्रों का कहना था कि विश्वविद्यालय का नाम उनके पिता संत गहिरा गुरु के नाम पर है, इसलिए उन्हें विश्वविद्यालय की समस्याओं और विकास कार्यों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सड़क की बदहाल स्थिति और कथित वित्तीय अनियमितताओं जैसे गंभीर मुद्दों पर अब तक अपेक्षित पहल नहीं की गई है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से इन मामलों में सक्रिय हस्तक्षेप की मांग की।

जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन होगा तेज
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय में कथित वित्तीय अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, अधूरे निर्माण कार्यों को पूरा करने और सड़क जैसी बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए शीघ्र कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। छात्रों ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल विरोध करना नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय में बेहतर शैक्षणिक माहौल और मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित कराना है। उन्होंने प्रशासन से पारदर्शिता के साथ जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की। फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले को लेकर आगे क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर छात्रों और स्थानीय लोगों की नजर बनी हुई है।
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