Study of Ramgarh Archaeological Heritage : सरगुजा जिले में रामगढ़ क्षेत्र के पुरातात्विक महत्व वाले स्थल को कोल ब्लॉक में शामिल किए जाने का मामला लगातार गरमाता जा रहा है। इस विषय की संवेदनशीलता को देखते हुए जहां पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने गैर-राजनीतिक समिति गठित कर अध्ययन का जिम्मा सौंपा है, वहीं भाजपा ने भी तीन सदस्यीय टीम बनाकर स्थल निरीक्षण हेतु भेजा है।


लेकिन भाजपा की यह टीम अब सवालों के घेरे में आ गई है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि टीम के सदस्य रामगढ़ जैसे महत्वपूर्ण स्थल पर पहुंचकर अध्ययन करने के बजाय हंसी-ठिठोली और फोटो सेशन में व्यस्त रहे। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में समिति के सदस्य सीता बेंगरा गुफा के पास मजाकिया अंदाज में फोटो खिंचवाते दिखाई दे रहे हैं। इससे लोगों में आक्रोश व्याप्त है और आरोप लगाया जा रहा है कि भाजपा ने सिर्फ औपचारिकता निभाने के लिए ही समिति का गठन किया। भाजपा रामगढ़ को लेकर गंभीर रहती तो इस तरह हंसी मजाक की तस्वीर वायरल नहीं होती।
पूर्व डिप्टी सीएम सिंहदेव ने जहां विशेषज्ञों, स्थानीय प्रतिनिधियों और आम नागरिकों को शामिल कर एक समिति बनाई है, वहीं भाजपा की समिति में प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा और भरतपुर-सोनहत क्षेत्र की विधायक रेणुका सिंह को शामिल किया गया है। स्थानीय बुद्धिजीवियों का कहना है कि भाजपा को किसी पुरातत्व विशेषज्ञ या रामगढ़ के इतिहास से परिचित व्यक्ति को भी टीम में शामिल करना चाहिए था।
शिवरतन शर्मा ने कहा कि भाजपा की मंशा तथ्यों के आधार पर सच्चाई सामने लाने की है और समिति जनप्रतिनिधियों, ग्रामवासियों व समाज प्रमुखों से चर्चा कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी। लेकिन वीडियो सामने आने के बाद लोगों का कहना है कि जब टीम स्थल पर ही गंभीरता नहीं दिखा पा रही, तो रिपोर्ट कितनी निष्पक्ष और तथ्यात्मक होगी, यह संदेह का विषय है।
रामगढ़ पर्वत, जिसे सीता बेंगरा और जोगीमारा गुफाओं के कारण ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व प्राप्त है, लंबे समय से संरक्षण की मांग को लेकर चर्चा में है। ऐसे में वहां किसी भी प्रकार की लापरवाही या असंवेदनशीलता को लेकर लोग भाजपा पर जमकर लानत मलानत कर रहे हैं। नागरिकों ने मांग की है कि पुरातत्व विशेषज्ञों और स्थानीय हितधारकों की उपस्थिति में ही इस संवेदनशील मामले पर निष्पक्ष अध्ययन कराया जाए, ताकि इस अमूल्य धरोहर को औद्योगिक परियोजनाओं की भेंट चढ़ने से बचाया जा सके।










