Jamui NDA Clash: बिहार में चुनावी हलचल के बीच सियासी टकराव खुलकर सामने आने लगा है। शनिवार को जमुई जिले के चकाई विधानसभा क्षेत्र के सोनो प्रखंड में आयोजित एनडीए कार्यकर्ता सम्मेलन में उस समय हंगामा मच गया जब मंच पर मौजूद दो नेताओं के समर्थक आपस में भिड़ गए। केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री सुमित कुमार सिंह, भवन निर्माण मंत्री जयंत राज और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में यह अप्रिय घटना घटी। कार्यक्रम की शुरुआत सामान्य ढंग से हुई, लेकिन माहौल तब बिगड़ गया जब मंत्री सुमित कुमार सिंह मंच पर पहुंचे। उनके समर्थकों ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। इस नारेबाजी का जवाब पूर्व एमएलसी संजय सिंह के समर्थकों ने भी नारे लगाकर दिया। देखते ही देखते दोनों गुटों में तीखी नोकझोंक शुरू हो गई, जो जल्द ही झड़प में बदल गई। हंगामे के बीच मंत्री मंच से हुए रवाना स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर मंच से उतरकर चुपचाप कार्यक्रम स्थल से निकल गए। विज्ञान मंत्री सुमित कुमार सिंह और पूर्व एमएलसी संजय सिंह भी मंच से उतरकर कार्यक्रम से बाहर चले गए। भवन निर्माण मंत्री जयंत राज और वरिष्ठ नेता श्याम रजक ने भी कार्यक्रम बीच में ही छोड़ दिया। मौके पर मौजूद पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने किसी तरह हालात पर काबू पाया, लेकिन दोनों पक्षों के उग्र समर्थकों को शांत कराना आसान नहीं था। इस हंगामे ने एक बार फिर साबित कर दिया कि एनडीए के भीतर चुनावी टिकट को लेकर गुटबाजी और असंतोष गहराता जा रहा है। चकाई सीट पर है सियासी संघर्ष गौरतलब है कि चकाई विधानसभा सीट 2020 के चुनाव में काफी चर्चा में रही थी। तब निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में सुमित कुमार सिंह ने चुनाव लड़ा था और उन्होंने बेहद कड़े मुकाबले में जीत दर्ज की थी। जेडीयू प्रत्याशी संजय प्रसाद (संजय सिंह) को उस चुनाव में तीसरा स्थान मिला था। सुमित सिंह बाद में एनडीए के साथ आ गए और वर्तमान में नीतीश सरकार में मंत्री हैं। अब जब एक बार फिर विधानसभा चुनाव की आहट है, दोनों ही नेता चकाई सीट से टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। यही कारण है कि दोनों गुटों के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि समय रहते इस प्रकार की गुटबाजी पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो इसका नुकसान एनडीए को आगामी चुनावों में भुगतना पड़ सकता है। चकाई में हुआ यह हंगामा एनडीए के अंदर चल रही अंदरूनी खींचतान और चुनावी तैयारियों के बीच उभरते मतभेदों की ओर इशारा करता है। टिकट की जद्दोजहद और व्यक्तिगत राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं यदि यूं ही टकराती रहीं, तो इसका सीधा असर गठबंधन की एकजुटता और चुनावी रणनीति पर पड़ेगा। Read More : Congo Boat Accident: कांगो में भीषण नाव हादसे इक्वेटर प्रांत में दो दुर्घटनाओं में 193 की मौत, लापरवाही पर भड़के लोग
















