Romania Security Alert: रूस और उसके पड़ोसी देशों के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। हाल ही में रूस के ड्रोन न केवल पोलैंड में घुसे, बल्कि अब ये ड्रोन रोमानिया की हवाई सीमा तक 50 किलोमीटर अंदर तक पहुंच गए। हालांकि, अभी तक किसी जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है, लेकिन इस हमले ने यूरोप में सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है। रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट में रक्षा मंत्रालय ने अलर्ट जारी कर फाइटर जेट्स को तैनात कर दिया है।

रूस के ड्रोन हमले पर यूरोप में बढ़ती सुरक्षा चेतावनी
पोलैंड पर हुए ड्रोन हमले के बाद यूरोपीय नेताओं ने रूस की कड़ी निंदा की थी। पोलैंड ने नाटो के सहयोग से रूस के ड्रोन को अपनी एयरस्पेस में मार गिराया था। इसके बाद हाल ही में रोमानिया में भी रूस के ड्रोन की घुसपैठ हुई है। रोमानिया की सेना ने अपनी हवाई सीमाओं की सुरक्षा सख्त कर दी है। बुखारेस्ट में रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए फाइटर जेट तैनात कर दिए गए हैं।

रूस की सफाई और बेलारूस का दावा
पोलैंड पर ड्रोन हमले के बाद रूस ने सफाई देते हुए कहा कि उसका कोई इरादा पोलैंड को निशाना बनाने का नहीं था। मास्को के सहयोगी देश बेलारूस ने भी कहा कि ड्रोन जाम हो जाने की वजह से भटक गए थे। हालांकि, यूरोपीय नेताओं ने इस बयान को अस्वीकार करते हुए इसे जानबूझकर की गई उकसावे वाली कार्रवाई करार दिया है। इस घटना ने यूरोप में रूस के प्रति संदेह और बढ़ा दिया है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की का आरोप
यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने बताया कि रूस के ड्रोन रोमानियाई हवाई क्षेत्र में लगभग 10 किलोमीटर तक घुस गए और लगभग 50 मिनट तक नाटो के हवाई क्षेत्र में सक्रिय रहे। जेलेंस्की ने कहा कि रूस की यह कार्रवाई युद्ध का स्पष्ट विस्तार है। उन्होंने बताया कि रूसी ड्रोन पूरे दिन यूक्रेन के उत्तरी क्षेत्रों सहित बेलारूस की सीमा के पास भी सक्रिय रहे। उन्होंने कहा कि रूस की सेना को पता होता है कि उनके ड्रोन कहां जा रहे हैं और वे कितनी देर तक उड़ सकते हैं। इसलिए यह कोई गलती या दुर्घटना नहीं बल्कि सोची-समझी रणनीति है।
यूरोप में तनाव बढ़ने के संकेत
रूस के ड्रोन हमलों ने यूरोप में सुरक्षा और राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है। पोलैंड और रोमानिया जैसे नाटो सदस्य देशों ने अपनी सीमाओं पर सुरक्षा कड़ी कर दी है। इसके साथ ही नाटो नेताओं ने रूस की इस हरकत को गंभीर चुनौती मानते हुए कड़े कदम उठाने की बात कही है। ये घटनाएं रूस और पश्चिम के बीच जारी जंग के नए दौर का संकेत हैं।
रूस द्वारा पोलैंड और रोमानिया में ड्रोन घुसपैठ ने नाटो देशों की सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है। रूस की ओर से दी गई सफाई पर यूरोप के नेताओं का संदेह बना हुआ है। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इसे युद्ध का विस्तार बताते हुए कहा है कि यह कोई आकस्मिक घटना नहीं बल्कि रणनीतिक हमला है। इस बीच यूरोप के रक्षा मंत्रालयों ने सतर्कता बढ़ा दी है और भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने के लिए कदम उठा रहे हैं। रूस-यूरोप के बीच तनाव बढ़ने के साथ ही विश्व की सुरक्षा स्थिति और जटिल होती जा रही है।
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