Owaisi statement: एशिया कप 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच आज दुबई में महत्वपूर्ण मुकाबला होने जा रहा है। लेकिन इस क्रिकेट मैच को लेकर देश में राजनीतिक और सामाजिक तनाव देखने को मिल रहा है। खासकर पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ित परिवारों और विपक्षी पार्टियों ने इस मैच का विरोध किया है। इसी कड़ी में ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी अपनी नाराजगी जताई और सरकार तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तीखा हमला बोला।

ओवैसी ने 6 दिसंबर का जिक्र कर उठाए बड़े सवाल
ओवैसी ने अपने बयान में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के काशी-मथुरा विवाद को लेकर दिए गए बयान पर तीखा प्रहार किया। मोहन भागवत ने कहा था कि काशी और मथुरा में आरएसएस खुद जाकर कुछ नहीं करेगा, लेकिन उनके लोग वहां जा सकते हैं। इस बयान पर ओवैसी ने सवाल किया कि “प्लेस ऑफ वर्शिप एक्ट किस लिए बनाया गया? क्या आप धमकी दे रहे हैं? क्या 6 दिसंबर फिर से दोहराया जाएगा?” 6 दिसंबर का जिक्र कर ओवैसी ने 1992 में बाबरी मस्जिद विध्वंस की घटना की याद दिलाई, जिसे देश में सांप्रदायिक तनाव का प्रमुख कारण माना जाता है।

मुसलमानों पर पार्टिशन का दोष नहीं
असदुद्दीन ओवैसी ने partition (विभाजन) को लेकर भी बीजेपी पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि देश के विभाजन का जिम्मेदार मुसलमान नहीं है, बल्कि इसके पीछे सावरकर और माउंटबेटन जैसे नेता और उस समय की कांग्रेस सरकार थी। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने एनसीईआरटी की पाठ्यक्रम सामग्री में बदलाव कर विभाजन की जिम्मेदारी मुसलमानों पर थोप दी है, जो गलत है।
देश में बढ़ते सांप्रदायिक तनाव पर चिंता
ओवैसी ने कहा कि असम में 3000 घरों को तोड़ा गया है और यूपी समेत कई जगह सांप्रदायिक तनाव बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि “यह 1947 नहीं है, यह 2025 है। अब लोकतंत्र को मजबूत करना होगा, सभी को हिस्सा देना होगा। पंच बनाओ, चेयरमैन बनाओ।” उनकी यह बात देश में सामाजिक एकता और सहिष्णुता को बनाए रखने की अपील है।
चीन और पाकिस्तान को लेकर भी कसा तंज
ओवैसी ने पीएम मोदी के चीन दौरे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चीन भारत की 2000 वर्ग किलोमीटर जमीन पर कब्जा किए हुए है, लेकिन पीएम मोदी ने इस पर कोई कड़ा रुख नहीं दिखाया। उन्होंने पाकिस्तान को “फेल्ड स्टेट” कहा और इस बात पर दुख जताया कि पाकिस्तान ने पहलगाम जैसे आतंकी हमलों को अंजाम दिया है।
पहलगाम हमले के पीड़ितों के लिए सरकार की उदासीनता पर सवाल
ओवैसी ने सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि पहलगाम हमले में मारे गए 26 नागरिकों की कीमत के मुकाबले क्रिकेट मैच का पैसा ज्यादा मायने रखता है। उन्होंने पूछा, “क्या तुम्हारी बेटी मारी जाती तो तुम क्रिकेट खेलते?” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और बीजेपी सिर्फ पैसों को देख रही है, जबकि आम लोगों की जान की कोई कद्र नहीं।
असदुद्दीन ओवैसी का बयान वर्तमान राजनीतिक और सामाजिक माहौल में सरकार और आरएसएस के खिलाफ कड़ी चेतावनी है। 6 दिसंबर का जिक्र कर उन्होंने देश में बढ़ते सांप्रदायिक तनाव पर चिंता जताई और सरकार से संवेदनशील मुद्दों पर गंभीरता से सोचने को कहा। भारत-पाकिस्तान मैच को लेकर विरोध और सवाल आज पूरे देश में गूंज रहे हैं, जो आने वाले दिनों में राजनीति की दिशा तय करेंगे।










