MCB News : नेशनल हाइवे-43 पर यात्रियों के लिए चर्चित पंकज ढाबा इन दिनों विवादों के घेरे में है। जहां एक ओर यह ढाबा सफर करने वालों के लिए भोजन और विश्राम का ठिकाना माना जाता है, वहीं अब यह शराबखोरी का अड्डा बनने के आरोपों से घिर गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां खुलेआम शराब परोसी जाती है और माहौल अक्सर हंगामेदार हो जाता है। सवाल यह उठता है कि आखिर किसके संरक्षण में यह अवैध गतिविधियां चल रही हैं?

सूत्रों के अनुसार, पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश से शराब की सप्लाई बड़े पैमाने पर इस ढाबे तक पहुंचाई जा रही है। वहां पहुंचने के बाद शराब ग्राहकों को खुलेआम परोसी जाती है। यह नजारा अक्सर देर रात तक देखा जा सकता है, जिससे गुजरने वाले राहगीरों को भी असुरक्षा का माहौल महसूस होता है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आबकारी विभाग इस पूरे मामले में खामोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभागीय अधिकारी जानबूझकर आंख मूंदे बैठे हैं। ऐसे में यह संदेह गहराता जा रहा है कि कहीं इस गोरखधंधे में कुछ बड़े लोगों की मिलीभगत तो नहीं है।

इस मामले से जुड़े कई बड़े सवाल अब जनता के बीच गूंज रहे हैं—आखिर शराब की सप्लाई का मुख्य सरगना कौन है? पंकज ढाबे में यह अवैध कारोबार कब से चल रहा है? और आबकारी विभाग कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा? ग्रामीणों और राहगीरों का कहना है कि ढाबे के इस माहौल से स्थानीय वातावरण बिगड़ रहा है। परिवार के साथ सफर करने वाले लोग यहां रुकने से भी कतराने लगे हैं।
जनता का आक्रोश धीरे-धीरे उबाल पर है। स्थानीय लोग अब प्रशासन से सख्त कदम उठाने और इस अवैध गतिविधि पर तत्काल रोक लगाने की मांग कर रहे हैं। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो विरोध की चिंगारी बड़ा रूप ले सकती है।










