Political Clash Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में केंद्रीय गृहमंत्री के एक संशोधित वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने को लेकर सियासत गरमा गई है। वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर उसे गलत संदर्भ में पेश किया गया, जिससे बीजेपी कार्यकर्ता भड़क उठे। पुलिस की लापरवाही के आरोप लगाते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं ने थाने में जमकर प्रदर्शन किया और देर रात तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा।

क्या है पूरा मामला?
बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस के एक स्थानीय नेता ने अपने फेसबुक पेज पर केंद्रीय गृहमंत्री का एडिटेड वीडियो अपलोड किया है। पार्टी का कहना है कि यह वीडियो जानबूझकर गुमराह करने और छवि धूमिल करने के मकसद से सोशल मीडिया पर डाला गया है। वीडियो में तथ्यों को तोड़-मरोड़कर गृहमंत्री के बयानों को गलत ढंग से पेश किया गया है। इस मामले में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन 24 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा।

थाने में देर रात हंगामा
शिकायत पर कोई कार्रवाई न होते देख भाजपा नगर पालिका अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ नेता कोतवाली थाने पहुंच गए। बात सांसद तक पहुंचने पर कांकेर से भाजपा सांसद भोजराज नाग भी थाने पहुंचे और FIR दर्ज कर तुरंत कार्रवाई की मांग की।
इस दौरान भाजपा कार्यकर्ता थाने के भीतर ही बैठ गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाज़ी की। पूरे घटनाक्रम से माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। लंबे हंगामे के बाद आखिरकार पुलिस ने वीडियो अपलोड करने वाले आरोपी कांग्रेस नेता के खिलाफ FIR दर्ज कर ली। इसके बाद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं का गुस्सा कुछ शांत हुआ, लेकिन नाराजगी अभी भी बरकरार है।
थाना प्रभारी को हटाने की मांग
सांसद भोजराज नाग ने पुलिस पर आरोप लगाया कि जानबूझकर आरोपी को बचाया जा रहा था। उन्होंने कहा, “शिकायत के 24 घंटे बाद भी कार्रवाई नहीं होना कई सवाल खड़े करता है। यह प्रशासन की निष्क्रियता और पक्षपात को दर्शाता है।”सांसद ने थाना प्रभारी को हटाने और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग भी उठाई है।
कांग्रेस की चुप्पी पर उठे सवाल
इस पूरे मामले में जहां भाजपा आक्रामक रुख में है, वहीं कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इससे राजनीतिक गलियारों में कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने वाला है, खासकर चुनावी मौसम में।
कांकेर में सामने आया यह वीडियो विवाद सिर्फ साइबर क्राइम का मामला नहीं, बल्कि राजनीतिक टकराव और प्रशासनिक निष्क्रियता का प्रतीक बन गया है। एक ओर जहां भाजपा इसे गृहमंत्री की छवि धूमिल करने की साजिश बता रही है, वहीं अब देखने वाली बात यह होगी कि FIR के बाद पुलिस की अगली कार्रवाई क्या होती है और यह विवाद आगे कितनी दूर तक जाता है।
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