Brendan Taylor : ऑस्ट्रेलिया इन दिनों तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए जिम्बाब्वे के दौरे पर है। दोनों टीमों के बीच सीरीज का पहला मुकाबला हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला गया। इस मैच में जिम्बाब्वे के अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज ब्रैंडन टेलर ने मैदान पर उतरते ही वनडे क्रिकेट में एक बड़ा इतिहास रच दिया। उन्होंने सबसे लंबे वनडे करियर के मामले में भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया।
22 साल 146 दिन लंबा हुआ ब्रैंडन टेलर का वनडे करियर
ब्रैंडन टेलर अब वनडे क्रिकेट के इतिहास में सबसे लंबे समय तक खेलने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उनका वनडे करियर 22 साल और 146 दिन का हो चुका है। इससे पहले यह रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम था, जिन्होंने 22 साल और 91 दिनों तक वनडे क्रिकेट खेला था। टेलर ने 2004 में अंतरराष्ट्रीय वनडे क्रिकेट में पदार्पण किया था और अब भी जिम्बाब्वे की टीम का हिस्सा हैं।
सबसे लंबे वनडे करियर वालों की सूची में टेलर शीर्ष पर
पुरुष वनडे क्रिकेट में सबसे लंबे करियर की सूची में ब्रैंडन टेलर पहले स्थान पर पहुंच गए हैं। उनके बाद सचिन तेंदुलकर का नाम आता है। श्रीलंका के दिग्गज सनथ जयसूर्या 21 साल और 184 दिन के करियर के साथ तीसरे स्थान पर हैं। पाकिस्तान के जावेद मियांदाद 20 साल और 272 दिन के करियर के साथ चौथे, जबकि जिम्बाब्वे के सीन विलियम्स 20 साल और 187 दिन के साथ पांचवें स्थान पर हैं।
2004 में किया था वनडे क्रिकेट में डेब्यू
40 वर्षीय ब्रैंडन टेलर ने वर्ष 2004 में अपना वनडे डेब्यू किया था। वह जिम्बाब्वे के सबसे सफल और भरोसेमंद बल्लेबाजों में गिने जाते हैं। वनडे क्रिकेट में जिम्बाब्वे की ओर से सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाजों में भी टेलर का नाम शीर्ष पर है। लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान उन्होंने टीम के लिए बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग दोनों विभागों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
संन्यास के बाद दोबारा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लौटे टेलर
ब्रैंडन टेलर ने वर्ष 2021 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की थी। हालांकि, इसके बाद 2022 में आईसीसी के नियमों के उल्लंघन के मामले में उन पर साढ़े तीन साल का प्रतिबंध लगाया गया। प्रतिबंध की अवधि पूरी करने के बाद उन्होंने 2025 में अपना संन्यास वापस लेने का फैसला किया। इसके बाद उन्होंने दोबारा जिम्बाब्वे के लिए खेलने की तैयारी शुरू की।
2027 वर्ल्ड कप पर टेलर की नजर
जिम्बाब्वे दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया के साथ मिलकर 2027 वनडे विश्व कप की मेजबानी करने वाला है। ऐसे में ब्रैंडन टेलर की वापसी को आगामी विश्व कप की तैयारियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। उनका अनुभव जिम्बाब्वे की टीम के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रिकॉर्ड बनाने के साथ उनकी नजर टीम को बड़े टूर्नामेंट के लिए तैयार करने पर भी है।
12 साल बाद जिम्बाब्वे में वनडे खेलने उतरी ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलिया की टीम करीब 12 साल बाद जिम्बाब्वे की धरती पर वनडे मुकाबला खेलने उतरी। पहले मैच में ऑस्ट्रेलियाई कप्तान मिचेल मार्श ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। इस मुकाबले के साथ दोनों टीमों के बीच लंबे अंतराल के बाद वनडे क्रिकेट की भिड़ंत देखने को मिली।
2014 की ऐतिहासिक जीत से जुड़े हैं तीन खिलाड़ी
2014 में जिम्बाब्वे में खेले गए आखिरी वनडे मुकाबले में मेजबान टीम ने ऑस्ट्रेलिया को हराया था। मौजूदा मुकाबले में उस मैच से जुड़े केवल तीन खिलाड़ी दोनों टीमों के बीच मौजूद हैं। ऑस्ट्रेलिया के कप्तान मिचेल मार्श और जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा के अलावा ब्रैंडन टेलर भी उस ऐतिहासिक मुकाबले का हिस्सा रहे थे। ऐसे में टेलर के रिकॉर्ड के साथ इस मैच का ऐतिहासिक महत्व भी बढ़ गया है।\
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