India vs Pakistan 2025: एशिया कप 2025 के बहुचर्चित भारत-पाकिस्तान मुकाबले में मिली हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) में बवाल मच गया है। मैच के बाद ‘हैंडशेक विवाद’ को लेकर पाकिस्तान ने सख्त रुख अपनाया है और इसी के तहत पीसीबी ने अपने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट संचालन निदेशक उस्मान वाहला को निलंबित कर दिया है।

क्या है ‘हैंडशेक विवाद’?
भारत-पाकिस्तान मुकाबले में भारतीय टीम ने 128 रनों का लक्ष्य 7 विकेट शेष रहते हुए आसानी से हासिल कर लिया। जीत के बाद सूर्यकुमार यादव और शिवम दुबे सीधे ड्रेसिंग रूम की ओर बढ़ गए और पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया। पाकिस्तान टीम मैदान पर खड़ी इंतजार करती रही, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ड्रेसिंग रूम में जाकर दरवाजा बंद कर चुके थे।

इस घटना को लेकर पाकिस्तान में नाराजगी का माहौल है। पीसीबी का आरोप है कि मैच रेफरी एंडी पायक्रॉफ्ट ने पाक कप्तान सलमान आगा को टॉस के समय भारतीय कप्तान से हाथ ना मिलाने को कहा था। इसी पर कार्यवाई करने में विफल रहने पर उस्मान वाहला को निलंबित कर दिया गया है।
एंडी पायक्रॉफ्ट पर भी निशाना
पीसीबी ने एशियाई क्रिकेट काउंसिल (ACC) में शिकायत दर्ज कराई है और मांग की है कि मैच रेफरी एंडी पायक्रॉफ्ट को एशिया कप की रेफरी पैनल से तत्काल प्रभाव से हटाया जाए। पाकिस्तान का कहना है कि उनके आचरण ने ICC और MCC के नियमों का उल्लंघन किया है।
पीसीबी के मुताबिक, भारतीय खिलाड़ियों के ‘हाथ न मिलाने’ की घटना पर औपचारिक प्रतिक्रिया देने में देरी और निष्क्रियता उस्मान वाहला के निलंबन का कारण बनी। इस पूरे प्रकरण ने दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद क्रिकेट तनाव को और हवा दे दी है।
शर्मिंदगी में प्रेस कॉन्फ्रेंस से गायब रहा पाक कप्तान
मैच के बाद पाकिस्तान कप्तान सलमान आगा प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी नजर नहीं आए, जिसे इस विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर यह घटना तेजी से वायरल हो रही है और फैंस के बीच भी तीखी बहस छिड़ गई है।
क्या फिर टकराएंगी टीमें?
अगर दोनों टीमें सुपर-4 राउंड में आमने-सामने आती हैं, तो यह विवाद एक बार फिर तूल पकड़ सकता है। ऐसे में पीसीबी और बीसीसीआई दोनों के लिए स्थिति को संभालना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। भारत से मिली हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में आंतरिक मतभेद और प्रबंधन की विफलता उजागर हो रही है। ‘हैंडशेक विवाद’ ने खेल भावना पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आगे यह देखना दिलचस्प होगा कि एशियाई क्रिकेट परिषद और ICC इस विवाद पर क्या रुख अपनाते हैं।










