Peter Navarro India Remarks: भारत और अमेरिका के बीच जारी व्यापारिक तनाव एक बार फिर चर्चा में है। इस बार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सलाहकार और व्यापार मामलों के विशेषज्ञ पीटर नवारो के तीखे बयान ने माहौल गर्म कर दिया है। रॉयटर्स को दिए एक इंटरव्यू में नवारो ने कहा कि “भारत अब बातचीत की टेबल पर आ रहा है”, जिससे यह संकेत मिलता है कि अमेरिका ने भारत पर दबाव बनाने की नीति अपनाई है।

टैरिफ को लेकर नाराज है अमेरिका
पीटर नवारो का आरोप है कि भारत अमेरिकी उत्पादों पर अत्यधिक टैरिफ लगाकर अनुचित लाभ कमा रहा है। उन्होंने भारत को “टैरिफ का महाराजा” कहते हुए निशाना साधा। गौरतलब है कि अमेरिका ने हाल ही में भारत से आयात होने वाले कई उत्पादों पर टैरिफ को बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक कर दिया है। इसके जवाब में भारत ने भी अपने निर्यात नीति की समीक्षा की है, लेकिन अगस्त में भारतीय निर्यात पिछले नौ महीनों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया।

रूस-यूक्रेन युद्ध में भारत की भूमिका पर विवादित बयान
नवारो ने भारत पर केवल व्यापार में अनुचित व्यवहार का आरोप नहीं लगाया, बल्कि रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत की आलोचना भी की। उन्होंने यहां तक कह दिया कि रूस-यूक्रेन युद्ध “मोदी का युद्ध” बन चुका है। यह बयान न केवल विवादित है, बल्कि भारत की तटस्थ विदेश नीति के खिलाफ एक सीधा हमला भी माना जा रहा है।
वरिष्ठ अमेरिकी वार्ताकार भारत पहुंचे
हालात को सुधारने की दिशा में मंगलवार को भारत और अमेरिका के बीच छठे दौर की व्यापार वार्ता शुरू हो रही है। इसके लिए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के वरिष्ठ वार्ताकार ब्रेंडन लिंच सोमवार को नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। यह बातचीत पहले अगस्त में होनी थी, लेकिन टैरिफ विवाद के चलते स्थगित कर दी गई थी।
कूटनीतिक नरमी के संकेत
हालांकि तीखी बयानबाजी के बीच कुछ नरमी भी देखने को मिली है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “महान प्रधानमंत्री” बताया और भारत के साथ दोस्ती का भरोसा जताया। मोदी ने भी इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की इच्छा जताई।
भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में फिलहाल उतार-चढ़ाव का दौर चल रहा है। एक ओर जहां टैरिफ और तेल जैसे मुद्दे विवाद का कारण बन रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बातचीत और कूटनीति से समाधान की भी उम्मीद है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि दोनों देश अपने-अपने हितों की रक्षा करते हुए किस तरह संतुलन साधते हैं।
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