Venezuela Ship Strike: अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ते तनाव के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा कदम उठाते हुए ड्रग्स से लदे एक जहाज पर हमला करवाया है। यह हमला वेनेजुएला के पास अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में किया गया, जिसमें 3 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। बताया जा रहा है कि जहाज पर भारी मात्रा में मादक पदार्थ मौजूद था, जिसे अमेरिका में प्रवेश से पहले ही नष्ट कर दिया गया।

ट्रंप ने दी थी सीधी कार्रवाई की मंजूरी
डोनाल्ड ट्रंप ने इस ऑपरेशन को ड्रग तस्करी के खिलाफ “निर्णायक हमला” बताया है। ट्रंप के मुताबिक, यह कार्रवाई अमेरिकी दक्षिणी कमान (US SOUTHCOM) की देखरेख में की गई, जिसका मकसद वेनेजुएला से संचालित हो रहे नार्को-टेरर नेटवर्क को खत्म करना है। उन्होंने कहा, “हम अमेरिका में जहर नहीं घुसने देंगे। जो जहाज हमारे देश की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, उन्हें नष्ट करना जरूरी है।”

ड्रग तस्करी नेटवर्क पर सीधा वार
ट्रंप प्रशासन के अनुसार, यह जहाज वेनेजुएला से अमेरिका की ओर ड्रग्स की एक बड़ी खेप लेकर बढ़ रहा था। समय रहते अमेरिकी नेवी और एयरफोर्स ने संयुक्त कार्रवाई कर उसे समुद्र में ही घेर लिया। चेतावनी के बावजूद जब जहाज नहीं रुका, तो उस पर मिसाइल अटैक किया गया। हमले में जहाज के तीन क्रू मेंबर मारे गए, जबकि बाकी को हिरासत में ले लिया गया।
इस ऑपरेशन को अमेरिकी खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी के आधार पर अंजाम दिया गया। ट्रंप ने यह भी कहा कि ऐसे कई और मिशन भविष्य में चलाए जाएंगे ताकि ड्रग्स के अवैध व्यापार को पूरी तरह से खत्म किया जा सके।
वेनेजुएला ने अमेरिका पर लगाया आक्रामकता का आरोप
इस हमले के बाद वेनेजुएला की सरकार ने अमेरिका की कार्रवाई को “सीधी सैन्य आक्रामकता” करार दिया है। वेनेजुएला के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, “यह हमारी संप्रभुता का उल्लंघन है और अमेरिका को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।” वहीं अमेरिका ने साफ किया है कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा में किया गया और इसका मकसद केवल ड्रग्स को रोकना था।
ड्रग्स के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से ड्रग तस्करी के खिलाफ सख्त रुख अपनाते आए हैं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लागू की थी और कहा था कि जो भी ड्रग्स तस्करी में शामिल होगा, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी – चाहे वह अमेरिका में हो या अमेरिका के बाहर।
इस हालिया हमले से यह साफ हो गया है कि अमेरिका अब ड्रग्स तस्करों के खिलाफ सीमाओं से बाहर जाकर भी कार्रवाई करने को तैयार है। ट्रंप के इस कदम की जहां अमेरिका में सराहना हो रही है, वहीं वेनेजुएला और कुछ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इसकी आलोचना भी हो रही है। लेकिन ट्रंप ने साफ कर दिया है कि ड्रग माफियाओं को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।










