Durga Poster Controversy: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन (17 सितंबर) पर पटना में भारतीय जनता पार्टी (BJP) कार्यालय के बाहर लगे एक पोस्टर ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। पोस्टर में प्रधानमंत्री की दिवंगत मां हीराबेन मोदी को देवी दुर्गा के रूप में दर्शाया गया है, जबकि महागठबंधन के कई प्रमुख नेताओं को महिषासुर के रूप में चित्रित किया गया है।

यह विवादित पोस्टर BJP प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य कृष्णा सिंह उर्फ कल्लू द्वारा लगाया गया है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शेर पर सवार दिखाया गया है, वहीं उनकी मां दुर्गा रूप में राहुल गांधी, तेजस्वी यादव, अखिलेश यादव, हेमंत सोरेन, एम.के. स्टालिन और रेवत रेड्डी का त्रिशूल से वध करते हुए नजर आ रही हैं।

पोस्टर पर लिखी गई विवादित बातें
पोस्टर में लिखा गया है:”मां का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान, दुश्मनों का नाश करती मां।” इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो तस्वीरें भी पोस्टर में शामिल हैं। साथ ही जन्मदिन की बधाई भोजपुरी में दी गई है: “जुग-जुग जिआ ललनवा, देसवा के भाग्य जागल हो…”
राजनीतिक पृष्ठभूमि और विवाद की जड़
यह पूरा मामला उस समय और भी संवेदनशील बन गया जब 27 अगस्त को दरभंगा में कांग्रेस की “वोटर अधिकार यात्रा” के मंच से प्रधानमंत्री मोदी को लेकर आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया था। राहुल गांधी की मौजूदगी में मंच से एक व्यक्ति ने PM की मां को गाली दी थी, जिसके बाद पुलिस ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया।
इस घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भावुक हो गए थे, जब उन्होंने बिहार की ‘जीविका दीदी’ से ऑनलाइन संवाद किया। इस भावनात्मक प्रतिक्रिया ने राजनीतिक माहौल को और गर्मा दिया। इसके जवाब में NDA ने बिहार बंद का आयोजन किया और पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन हुए।
विपक्ष ने BJP पर साधा निशाना
महागठबंधन के नेताओं ने इस पोस्टर की कड़ी आलोचना की है। राजद और कांग्रेस के प्रवक्ताओं ने कहा कि, “BJP माताओं और देवी-देवताओं का राजनीतिक इस्तेमाल कर रही है, जो हिंदू आस्था का अपमान है।”
क्या कहती है BJP?
BJP के नेताओं ने पोस्टर को कार्यकर्ता की “भावनात्मक अभिव्यक्ति” बताया है। पार्टी स्तर पर किसी आधिकारिक प्रतिक्रिया से फिलहाल बचा जा रहा है। हालांकि, कई समर्थक सोशल मीडिया पर पोस्टर को “मां के सम्मान की रक्षा” बताकर प्रचारित कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी की मां को देवी दुर्गा के रूप में दिखाया गया यह पोस्टर एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि धार्मिक प्रतीकों और परिवार को राजनीति में घसीटना कितना उचित है। विपक्ष जहां BJP पर धार्मिक भावनाओं के दुरुपयोग का आरोप लगा रहा है, वहीं BJP कार्यकर्ता इसे “मां के सम्मान की लड़ाई” बता रहे हैं।










