Priyanka Gandhi Wayanad: कांग्रेस नेता और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपने वायनाड दौरे के दौरान सोमवार को पारंपरिक आदिवासी कृषक और पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित चेरुवायल रमन से उनके घर जाकर मुलाकात की। यह मुलाकात न सिर्फ आत्मीयता से भरी रही, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और कृषि विरासत के प्रति प्रियंका गांधी की संवेदनशीलता को भी दर्शाती है।

रामेत्तन के घर तीन घंटे रहीं प्रियंका गांधी
77 वर्षीय चेरुवायल रमन, जिन्हें स्नेह से ‘रामेत्तन’ कहा जाता है, ने बताया कि उन्हें पहले विश्वास ही नहीं हुआ कि प्रियंका गांधी उनके 150 साल पुराने मिट्टी और बांस की झोपड़ी में आने वाली हैं। लेकिन प्रियंका गांधी ने एक आम नागरिक की तरह न केवल उनके घर पर समय बिताया, बल्कि खेतों में उनके साथ बिना चप्पल पहने चलीं।

दुर्लभ धान बीजों की सुरक्षा पर चर्चा
रामेत्तन ने बताया कि प्रियंका ने तीन घंटे तक उनकी बात ध्यान से सुनी और वायनाड की जैव विविधता, पारंपरिक धान की किस्मों की सुरक्षा और उनके संरक्षण को लेकर गहरी रुचि दिखाई। उन्होंने कहा, “प्रियंका जी मुझे अपनी बेटी जैसी लगीं। जब उन्होंने देखा कि मैं नंगे पांव खेत में चल रहा हूं, तो उन्होंने भी अपने जूते उतार दिए। यह देखकर मैं चौंक गया।”
स्थानीय व्यंजन का किया स्वाद
रामेत्तन की पत्नी गीता ने प्रियंका को वायनाड का पारंपरिक स्नैक “उन्नियप्पम” परोसा, जिसे प्रियंका ने खूब पसंद किया। साथ ही उन्हें हाथी चक (जिमीकंद) और तीखी मिर्च भी परोसी गई, लेकिन रमन ने बताया कि उन्होंने प्रियंका को तीखी मिर्च खाने से मना कर दिया, यह सोचकर कि यह उनके स्वाद के लिए अधिक तीखी हो सकती है।
धनुष-बाण चलाकर जीता सबका दिल
प्रियंका गांधी ने रमन के घर रखे पारंपरिक धनुष-बाण में भी रुचि दिखाई। रमन ने बताया कि यह कुरिचिया आदिवासी समुदाय द्वारा जंगली जानवरों से बचाव के लिए इस्तेमाल किया जाता है। जब प्रियंका ने धनुष चलाकर पहली बार में ही निशाना साध लिया, तो वहां मौजूद सभी लोग तालियां बजाने लगे और प्रियंका मुस्कुराते हुए शरमा गईं।
प्रियंका गांधी की यह मुलाकात एक राजनेता की नहीं, बल्कि एक संवेदनशील नागरिक की रही। उन्होंने न केवल आदिवासी जीवनशैली को नजदीक से समझा, बल्कि देश की कृषि और पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित करने की दिशा में संवाद भी किया। यह दौरा वायनाड के जनसंपर्क प्रयासों से आगे बढ़कर भारतीय लोकसंस्कृति और ग्रामीण भारत के सम्मान की एक मिसाल बन गया।










