Pratappur News : सूरजपुर जिले के प्रतापपुर जनपद में पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा सीईओ जयगोविन्द गुप्ता को प्रभार दिलाने किए जा रहे आंदोलन में अब एक नया मोड़ आ गया है। शासन ने गुरुवार को एक आदेश जारी कर सीईओ जयगोविंद गुप्ता का सीतापुर जनपद में स्थानांतरण कर दिया है। उनके स्थान पर प्रभारी सीईओ नृपेन्द्र सिंह ने फिर से प्रतापपुर जनपद का कार्यभार संभाल लिया है। इनके कार्यभार संभालते ही पंचायत प्रतिनिधि फिर से आक्रोशित हो उठे हैं। पंचायत प्रतिनिधियों में शामिल जिला पंचायत सदस्य, जनपद सदस्य व सरपंचों ने शुक्रवार को एसडीएम को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंप प्रभारी सीईओ नृपेन्द्र सिंह को हटाने की मांग की है। मांग पूरी नहीं होने पर चक्काजाम करने की चेतावनी दी है।

बता दें कि प्रभारी सीईओ नृपेन्द्र सिंह पूर्व में भी प्रतापपुर जनपद का कार्यभार संभाल चुके हैं। इनके पूर्व के कार्यकाल के दौरान सरपंच संघ लगातार इनके ऊपर पंचायत प्रतिनिधियों को मानसिक व आर्थिक रूप से परेशान करने के आरोप लगा इन्हें हटाने की मांग करता आ रहा था। इसी बीच शासन ने 14 अगस्त को इनका अन्यत्र स्थानांतरण कर दिया था। इनके स्थान पर स्थाई सीईओ जयगोविंद गुप्ता को प्रतापपुर जनपद का कार्यभार संभालने आदेश जारी किया था। पर प्रभारी सीईओ नृपेन्द्र सिंह अपने स्थानांतरण के एक माह बाद भी अपना प्रभार सीईओ गुप्ता को नहीं सौंप रहे थे। जिसके कारण पंचायतों का कामकाज प्रभावित हो रहा था।

सीईओ गुप्ता को प्रभार दिलाने की मांग को लेकर सरपंच संघ लगातार आंदोलन कर रहा था। इस बीच इनके आंदोलन में जनपद सदस्य व जिला पंचायत सदस्य भी शामिल हो गए। जिसके बाद सभी पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रभार दिलाने की मांग को लेकर बुधवार को जनपद पंचायत प्रतापपुर का घेराव कर धरना प्रदर्शन किया था और जिला पंचायत सीईओ के नाम ज्ञापन सौंप सीईओ जयगोविंद गुप्ता को गुरुवार तक प्रभार दिलाने की मांग रखी थी।
मांग पूरी नहीं होने पर शुक्रवार को जनपद के सामने स्थित मुख्य मार्ग पर चक्काजाम करने चेतावनी दी थी। पर इसी बीच शासन ने गुरूवार को ही सीईओ जयगोविंद गुप्ता का स्थानांतरण कर उन्हें सीतापुर जनपद में भेज दिया। अब उनके स्थान पर फिर से प्रभारी सीईओ नृपेन्द्र सिंह प्रतापपुर जनपद में पहुंच गए हैं। जिससे पंचायत प्रतिनिधि फिर से आक्रोशित हो उठे हैं और उन्हें हटाने की मांग को लेकर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा है।
ज्ञापन में चेतावनी देते हुए कहा गया है कि यदि प्रभारी सीईओ नृपेन्द्र सिंह को नहीं हटाया गया तो सभी पंचायत प्रतिनिधि 23 सितंबर को जनपद के सामने स्थित मुख्य मार्ग पर चक्काजाम करेंगे। साथ ही जनपद कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन भी शुरू किया जाएगा। इसके अलावा पंचायतों में होने वाले सभी शासकीय कार्य भी अवरूद्ध किए जाएंगे। जिसकी समस्त जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी।
कार्य स्वीकृत कराने के नाम पर तीन लाख लेने का आरोप
कलेक्टर के नाम एसडीएम को सौंपे गए ज्ञापन में पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रतापपुर जनपद के प्रभारी सीईओ नृपेन्द्र सिंह पर कई गंभीर आरोप भी लगाए हैं। आरोप हैं कि प्रभारी सीईओ नृपेन्द्र सिंह ने अपने पूर्व के कार्यकाल के दौरान प्रतापपुर जनपद की ग्राम पंचायत कनकनगर में कार्य स्वीकृत कराने के नाम पर तीन लाख रुपए की रिश्वत ली है। साथ ही पंचायतों में 15 वें वित्त के तहत हो चुके कार्यों की जांच के नाम पर भी पंचायत प्रतिनिधियों से अवैध वसूली की है और अब फिर से इन्होंने प्रतापपुर जनपद का कार्यभार संभाल लिया है जिससे पंचायत प्रतिनिधियों में खासी नाराजगी है।
इस संबंध में सरपंच संघ के अध्यक्ष नंददेव सिंह केराम ने कहा कि प्रभारी सीईओ नृपेन्द्र सिंह की कार्यशैली ठीक नहीं है। इनके द्वारा पंचायत प्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर कार्य नहीं किया जाता है। इन्हें पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों का भी अनुभव नहीं है क्योंकि इनका मूल पद एक पशु चिकित्सा अधिकारी का है। इसके बावजूद इन्हें जबरन पंचायत प्रतिनिधियों पर थोपा जा रहा है जो किसी भी प्रकार से उचित नहीं है।










