Bihar Politics : जन सुराज अभियान के सूत्रधार और राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने शनिवार को दरभंगा के जाले विधानसभा क्षेत्र के कुम्हरौली फुटबॉल मैदान में एक बड़ी जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने बीजेपी, आरजेडी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जमकर हमला बोला। प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार की जनता को सिस्टम के जरिए लूटा जा रहा है और अब समय आ गया है बदलाव का।

“बीजेपी आरजेडी से ज्यादा भ्रष्ट” – प्रशांत किशोर
प्रशांत किशोर ने खुलकर आरोप लगाया कि बीजेपी के नेता आरजेडी से भी ज्यादा भ्रष्ट हैं। उन्होंने कहा, “आरजेडी के लोग तो भ्रष्ट हैं ही, लेकिन बीजेपी वाले उनसे भी आगे निकल चुके हैं। कंबल ओढ़कर घी पी रहे हैं। हमने जो सवाल उठाए, उसका अब तक कोई जवाब नहीं मिला।” उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जन सुराज की सरकार बनते ही सबसे पहले 100 सबसे भ्रष्ट नेता और अफसरों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नीतीश सरकार पर सीधा हमला
बीपीएससी अभ्यर्थियों के प्रदर्शन को लेकर प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि बिहार का हर वर्ग परेशान है और जब ये नेता जनता के बीच जाएंगे तो उन्हें सवालों का सामना करना पड़ेगा। “जो लोग अपने सरकारी बंगलों में बैठकर महिलाओं और छात्रों पर लाठी चलवा रहे हैं, उन्हें जनता दौड़ाएगी,” उन्होंने कहा।
मंत्री जीवेश मिश्रा पर तंज
राज्य सरकार के मंत्री जीवेश मिश्रा पर कोर्ट की टिप्पणी का हवाला देते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि उन्हें जाली दवा कारोबारी कहा गया है। उन्होंने दावा किया कि दो महीने के भीतर जाले की जनता उन्हें बेरोजगार कर देगी।
जनता से किए कई बड़े वादे
जनसभा में प्रशांत किशोर ने कई बड़े वादे किए:
दिसंबर 2025 से 60 वर्ष से अधिक उम्र के हर पुरुष और महिला को ₹2000 मासिक पेंशन दी जाएगी।
15 साल से कम उम्र के बच्चों को निजी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा मिलेगी, जब तक सरकारी स्कूलों की स्थिति नहीं सुधरती।
बिहार के 50 लाख युवाओं को राज्य के अंदर 10-12 हजार रुपये मासिक आमदनी का रोजगार दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस साल छठ बिहार की बदहाली की “आखिरी छठ” होगी।
बदलाव की शुरुआत का दावा
प्रशांत किशोर ने दावा किया कि 2025 से बिहार में बदलाव की नई शुरुआत होगी। उन्होंने जनता से अपील की कि वह जाति और धर्म से ऊपर उठकर अच्छे भविष्य के लिए वोट करें। उन्होंने यह भी कहा कि “जन सुराज कोई राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक सोच है – एक व्यवस्था है, जो बिहार को उसका खोया गौरव दिलाने के लिए बनी है।”
प्रशांत किशोर की यह जनसभा न केवल बिहार की मौजूदा राजनीति पर करारा हमला थी, बल्कि एक वैकल्पिक राजनीतिक विजन की पेशकश भी। अब देखना यह होगा कि जनता इस सोच के साथ जुड़ती है या नहीं।
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