Pawan Khera GST: GST सुधारों पर पवन खेड़ा का सवाल – MSME की बर्बादी की भरपाई कौन करेगा?

Pawan Khera GST: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा GST सुधारों को लेकर राष्ट्र के नाम दिए गए हालिया संबोधन पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज़ हो गई हैं। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने इस संबोधन को “देरी से आई समझ” करार देते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जिस सुधार की बात आज पीएम मोदी कर रहे हैं, उसकी मांग कांग्रेस 2017 से करती आ रही है।

ads

“MSME की रीढ़ तो सरकार ने ही तोड़ी थी”

पवन खेड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री जिस GST प्रणाली को आज सरल और व्यवहारिक बनाने की बात कर रहे हैं, वही प्रणाली 2017 में बिना तैयारी के लागू की गई थी। उस समय देश की MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) इकाइयों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।“नोटबंदी और GST – दोनों झटकों ने मिलकर लाखों छोटे कारोबार बंद करवा दिए। आज तक सरकार ने MSME सेक्टर को उसके नुकसान की भरपाई नहीं दी,” – पवन खेड़ा

Adst

उन्होंने यह भी कहा कि नोटबंदी और बिना सोचे समझे लागू किए गए GST ने देश के कुटीर उद्योग, व्यापारियों और स्वरोजगार करने वालों को आर्थिक संकट में धकेल दिया था। अब जब चुनाव नज़दीक हैं, तो सरकार को MSME और राज्य स्तरीय GST की याद आ रही है।

राज्य स्तरीय GST की मांग फिर उठी

खेड़ा ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि GST लागू करते समय राज्यों की बात नहीं सुनी गई। कांग्रेस लगातार यह मांग करती रही है कि राज्यों को वित्तीय स्वायत्तता दी जाए और राज्य स्तरीय GST व्यवस्था पर गंभीरता से विचार किया जाए। “एक देश, एक टैक्स – ये नारा तो अच्छा था, लेकिन बिना तैयारी के लागू कर देना, देश के संघीय ढांचे और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए नुकसानदेह साबित हुआ,” – पवन खेड़ा

घोषणाएं बहुत हुईं, लेकिन राहत कब?

पवन खेड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा की गई घोषणाएं केवल चुनावी घोषणाएं हैं। MSME सेक्टर को वास्तविक राहत तभी मिलेगी जब सरकार उसे टैक्स में छूट, आसान रिफंड प्रक्रिया, और कार्यशील पूंजी के लिए सहायता प्रदान करेगी।उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि यदि अब सरकार GST में सुधार कर रही है, तो क्या वह यह स्वीकार कर रही है कि पिछले 7 वर्षों तक की GST नीति असफल रही?

खोखली घोषणाओं से नहीं होगा MSME का पुनरुद्धार

कांग्रेस नेता का स्पष्ट मानना है कि केंद्र सरकार की मौजूदा घोषणाएं विलंब से लिया गया निर्णय हैं, जिनका उद्देश्य केवल जनता को चुनाव से पहले लुभाना है। MSME सेक्टर, जो देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, उसे अब भी मज़बूत आर्थिक पैकेज और संरचनात्मक सहायता की आवश्यकता है।

Read More : Shiv Sena on GST: “नया GST अच्छा तो क्या पहले खराब थे?” शिवसेना नेता आनंद दुबे का तीखा सवाल

Adst
Admin

Admin

Writer & Blogger

All Posts
Previous Post
Next Post

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • FIFA World Cup 2026
  • Thetarget365
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ट्रेंड
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • पशु-पक्षी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • शिक्षा और नौकरी
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस

© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.