Palestine: ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया ने रविवार को फिलिस्तीन को आधिकारिक रूप से एक स्वतंत्र राष्ट्र के तौर पर मान्यता देने का ऐलान कर दिया। यह फैसला गाजा युद्ध को खत्म करने और लंबे समय से प्रस्तावित दो-राष्ट्र समाधान की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि, इस पर अमेरिका और इजरायल ने कड़ी आपत्ति जताई है और इसे “आतंकवाद को इनाम” करार दिया है।

ब्रिटेन ने कहा- शांति की उम्मीद को जिंदा रखने का प्रयास
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीयर स्टार्मर ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा, “आज हम फिलिस्तीन राष्ट्र को औपचारिक मान्यता देते हैं ताकि फिलिस्तीनियों और इजरायलियों के बीच शांति की उम्मीद को जिंदा रखा जा सके।” ब्रिटेन के उप प्रधानमंत्री डेविड लैमी ने स्पष्ट किया कि मान्यता से फिलिस्तीन रातों-रात राष्ट्र नहीं बन जाएगा, लेकिन यह दो-राष्ट्र समाधान की संभावना को जीवित रखने का प्रयास है।

कनाडा और ऑस्ट्रेलिया भी फैसले में शामिल
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भी फिलिस्तीन को मान्यता देने का एलान किया। दोनों नेताओं ने इसे गाजा में जारी संघर्ष को खत्म करने और क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया।
अमेरिका और इजरायल ने जताई तीखी आपत्ति
इस फैसले पर अमेरिका और इजरायल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। इजरायली सरकार ने कहा कि यह फैसला हमास और आतंकवाद को इनाम देने जैसा है। अमेरिका ने भी इस निर्णय को समयपूर्व बताया और कहा कि इससे शांति की प्रक्रिया को नुकसान पहुंच सकता है।
इजरायल लंबे समय से दो-राष्ट्र समाधान का विरोध करता रहा है और वेस्ट बैंक में यहूदी बस्तियों का विस्तार कर रहा है, जिसे भविष्य के फिलिस्तीनी राष्ट्र की भूमि माना जाता है।
इतिहास के पन्नों से…
ब्रिटेन का फिलिस्तीन से पुराना नाता है। 1917 की बेलफोर घोषणा में यहूदियों के लिए मातृभूमि का समर्थन किया गया था, लेकिन फिलिस्तीनियों के अधिकारों की अनदेखी की गई थी। फिलिस्तीनी मिशन के प्रमुख हुसाम जोमलोट ने इस फैसले को ऐतिहासिक सुधार बताते हुए कहा, “आज 108 साल पुराने हमारे अस्तित्व के इनकार को खत्म करने का दिन है।”
कितने देश दे चुके हैं मान्यता?
अब तक 145 से अधिक देश फिलिस्तीन को स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता दे चुके हैं। हालांकि, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे जी-7 और UNSC सदस्य देशों की यह मान्यता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी कूटनीतिक जीत मानी जा रही है।
Read More : India vs Pakistan : भारत-पाक मैच में बड़ा विवाद, हुसैन तलत ने तोड़ा ICC का नियम, जुर्माना तय!











