H-1B Visa Fee Update: अमेरिका सरकार ने H-1B वीजा के नए शुल्क (Fee) को लेकर बड़ा कदम उठाया है। US सिटीजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) ने आधिकारिक रूप से H-1B वीजा फीस की नई नियमावली अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित कर दी है। इसके तहत 21 सितंबर 2025 की रात 12:01 बजे (EST) के बाद किए गए प्रत्येक नए H-1B वीजा आवेदन पर अब $100,000 (एक लाख डॉलर) की फीस देनी होगी। नई फीस संरचना का सीधा असर भारतीयों पर नई फीस का सबसे अधिक प्रभाव भारत के आईटी और टेक प्रोफेशनल्स पर पड़ेगा, क्योंकि वर्तमान में अमेरिका में कार्यरत H-1B वीजा धारकों में से करीब 70% भारतीय हैं। ये सभी प्रमुख टेक कंपनियों जैसे Google, Microsoft, Amazon, Meta, और अन्य में काम कर रहे हैं। H-1B वीजा उन प्रोफेशनल्स को दिया जाता है जो टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, साइंस और अन्य विशेषज्ञता क्षेत्रों में काम करते हैं। हालांकि इस बार फीस का बोझ सीधे तौर पर वीजा धारकों पर नहीं, बल्कि उन्हें हायर करने वाली कंपनियों पर डाला गया है। ट्रंप सरकार के फैसले से विवाद तेज 20 सितंबर 2025 को अमेरिका की ट्रंप सरकार ने एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के ज़रिए H-1B वीजा फीस में भारी बढ़ोतरी की घोषणा की थी। इसके तहत नई फीस 21 सितंबर 2025 से लागू हो गई है। हालांकि सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि यह फीस सिर्फ नए वीजा आवेदकों पर लागू होगी। पहले से वीजा धारकों को राहत दी गई है। इस कदम का मकसद अमेरिका के स्थानीय पेशेवरों को प्राथमिकता देना, बेरोजगारी कम करना, और प्रवासी कामगारों की संख्या घटाना बताया गया है। साथ ही, सरकार का दावा है कि इससे राजस्व में बढ़ोतरी होगी और देश के व्यापार घाटे को कम करने में मदद मिलेगी। भारत और ग्लोबल कंपनियों ने जताई आपत्ति भारत सरकार समेत कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने इस फैसले का विरोध किया है। कंपनियों का कहना है कि इतनी भारी फीस से ग्लोबल टैलेंट हायर करना मुश्किल हो जाएगा और इससे अमेरिकी टेक इंडस्ट्री की प्रतिस्पर्धात्मकता पर भी असर पड़ेगा। भारत सरकार ने इस मुद्दे पर अमेरिका से राजनयिक स्तर पर बातचीत करने का संकेत दिया है। साथ ही भारत ने यह चिंता जताई है कि नई फीस नीति से दोनों देशों के टेक संबंधों में खटास आ सकती है। H-1B वीजा की नई फीस न केवल अमेरिका आने वाले प्रोफेशनल्स के लिए चुनौती है, बल्कि भारत जैसे देशों के लिए आर्थिक और रणनीतिक रूप से बड़ा झटका साबित हो सकती है। आने वाले समय में यह फैसला दोनों देशों के व्यापार, निवेश और टेक साझेदारी को किस दिशा में ले जाएगा, इस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं। Read More : Rajnath Singh Morocco: मोरक्को में भारतीय समुदाय को राजनाथ सिंह का संदेश: “भारत के प्रति निष्ठा और प्रेम हमारे स्वाभाव में है”
















