Firozabad News : उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद क्षेत्र में एक गर्भवती महिला की मौत के मामले ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। महिला के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उसके पति को पकड़ने पहुंची पुलिस टीम के दौरान महिला को कथित तौर पर पेट में लात मारी गई, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने दो उप निरीक्षकों समेत छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
दो उप निरीक्षकों समेत छह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
अपर पुलिस अधीक्षक नगर क्षेत्र रवि शंकर प्रसाद के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे ने सोमवार को कार्रवाई करते हुए उप निरीक्षक धर्मपाल सिंह और सत्यपाल सिंह को निलंबित किया। इनके अलावा मुख्य आरक्षी मोहन सिंह और अरविंद कुमार तथा आरक्षी भवतोष कुमार और कुलदीप कुमार को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, इन पुलिसकर्मियों पर लापरवाही के आरोप में कार्रवाई की गई है।
चोरी के मामले में पति को पकड़ने पहुंची थी पुलिस टीम
परिजनों के मुताबिक, शिकोहाबाद के लभऊआ गांव निवासी गौरव को चोरी के एक मामले में पूछताछ के लिए पकड़ने पुलिस टीम रविवार देर रात उसके घर पहुंची थी। बताया गया कि रात करीब पौने 12 बजे उप निरीक्षक धर्मपाल सिंह पुलिस बल के साथ घर पहुंचे थे। इसी दौरान गौरव की गर्भवती पत्नी अंजलि ने कथित तौर पर पुलिस से अपने पति को साथ नहीं ले जाने की गुहार लगाई।
पेट में लात मारने का लगाया गया आरोप
परिजनों का आरोप है कि अंजलि ने पुलिसकर्मियों को अपने पति को ले जाने से रोकने की कोशिश की। इसी दौरान उप निरीक्षक धर्मपाल सिंह ने कथित रूप से महिला के पेट में लात मार दी, जिससे वह जमीन पर गिर गई। हालांकि, घटना में लगाए गए आरोपों की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है।
पति को पुलिस ले गई, बिगड़ने लगी महिला की तबीयत
परिवार का कहना है कि घटना के बाद पुलिस गौरव को अपने साथ ले गई। दूसरी ओर, अंजलि की तबीयत लगातार खराब होने लगी। परिजनों ने उसे शिकोहाबाद के एक अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में सोमवार सुबह अंजलि ने एक बेटे को जन्म दिया। बच्चे के जन्म के बाद भी उसकी स्वास्थ्य स्थिति में सुधार नहीं हुआ और हालत लगातार गंभीर बनी रही।
हालत बिगड़ने पर फिरोजाबाद अस्पताल ले जाया गया
परिजनों के अनुसार, अंजलि की हालत बिगड़ने के बाद उसे फिरोजाबाद स्थित लक्ष्मी फाउंडेशन अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार का दावा है कि महिला की मौत की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने उसके पति गौरव को छोड़ दिया। इस घटनाक्रम के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और मामले को लेकर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगे।
नवजात बच्चे की हालत भी गंभीर बताई गई
अंजलि की मौत के बाद ग्रामीणों ने थाने पहुंचकर हंगामा किया और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि महिला ने जिस बच्चे को जन्म दिया, उसकी हालत भी गंभीर है। बच्चे को बेहतर इलाज के लिए आगरा भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। इससे परिवार की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
पोस्टमार्टम के बाद रात में हुआ अंतिम संस्कार
अपर पुलिस अधीक्षक रवि शंकर प्रसाद ने बताया कि महिला के शव का देर रात पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद रात में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया। किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।
निलंबन के बाद जांच पर टिकी निगाहें
गर्भवती महिला की मौत के मामले में छह पुलिसकर्मियों के निलंबन के बाद अब जांच की प्रक्रिया महत्वपूर्ण हो गई है। पुलिस अधिकारियों के सामने घटना के आरोपों की निष्पक्ष जांच करने और मौत के वास्तविक कारणों को स्पष्ट करने की चुनौती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की दिशा तय होने की संभावना है।
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