PoK India: भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मोरक्को की यात्रा के दौरान बड़ा राजनीतिक और रणनीतिक संदेश देते हुए कहा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) खुद भारत में शामिल होने की मांग करेगा। उन्होंने कहा कि अब पीओके में भी यह आवाज उठने लगी है कि ‘मैं भी भारत हूं’। इस बयान से भारत-पाक रिश्तों पर एक बार फिर सियासी पारा चढ़ गया है। राजनाथ सिंह मोरक्को के कासाब्लांका शहर में भारतीय समुदाय को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने अमेरिका के टैरिफ नीति पर भारत के शांत और संतुलित रवैये की भी व्याख्या की।
PoK पर क्या बोले राजनाथ सिंह?
राजनाथ सिंह ने कहा “मैंने पांच साल पहले कहा था कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर बिना युद्ध के भारत के साथ आएगा। आज वहां की जनता खुद कह रही है कि हम भारतीय हैं। हमें किसी हमले की जरूरत नहीं पड़ेगी।” उन्होंने कहा कि PoK भारत का हिस्सा है और वहां की जनता अब खुद अपनी पहचान को लेकर सवाल उठा रही है। “यह समय की बात है, PoK खुद बोलेगा – ‘मैं भी भारत हूं’,” ऐसा उन्होंने अपने संबोधन में जोड़ा।
अमेरिका के टैरिफ पर भी साधा निशाना
अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ, जिसमें 25 प्रतिशत पेनल्टी के तौर पर लगाया गया था, उस पर भी राजनाथ सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा “जो उदार होते हैं, बड़े दिल वाले होते हैं, वे हर बात पर तुरंत प्रतिक्रिया नहीं देते।” यह बयान अमेरिका के रवैये पर राजनयिक सयंम का इशारा था, लेकिन इसके माध्यम से भारत की मजबूती और आत्मविश्वास का भी प्रदर्शन किया गया।
भारत-अमेरिका व्यापार तनाव के बीच जयशंकर की यात्रा
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार संबंधों में बढ़ते तनाव के बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल इस समय अमेरिका दौरे पर हैं। सोमवार (22 सितंबर) को जयशंकर की अमेरिकी सांसद मार्को रुबियो से मुलाकात होनी है, जिसमें ट्रेड डील और टैरिफ के मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
मोरक्को का दौरा क्यों है ऐतिहासिक?
राजनाथ सिंह मोरक्को का दौरा करने वाले भारत के पहले रक्षा मंत्री बन गए हैं, जिससे यह यात्रा ऐतिहासिक बन गई है। इस यात्रा का उद्देश्य भारत और मोरक्को के बीच रक्षा एवं सामरिक सहयोग को मजबूत करना है। मोरक्को प्रवास के दौरान रक्षा मंत्री कई उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठकों में भाग लेंगे और रक्षा उत्पादन, प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा करेंगे।
राजनाथ सिंह के मोरक्को से दिए गए बयान केवल राजनीतिक भाषण नहीं हैं, बल्कि यह भारत की रणनीतिक सोच और कूटनीतिक आत्मविश्वास का परिचायक हैं। PoK पर दिया गया बयान एक स्पष्ट संदेश है कि भारत अब धैर्य के साथ लेकिन स्पष्ट नीति पर चल रहा है। वहीं अमेरिका को भी यह संदेश दिया गया है कि भारत अपने हितों की रक्षा करना जानता है — वो भी गरिमा के साथ।
Read More : Punjab Flood Relief: बाढ़ से जूझ रहे पंजाब को चाहिए न्याय, राहुल गांधी ने उठाई व्यापक राहत पैकेज की मांग
PoK India: ‘PoK खुद बोलेगा, मैं भी भारत हूं’: मोरक्को से राजनाथ सिंह का बड़ा बयान, अमेरिका पर भी किया वार
PoK India: भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मोरक्को की यात्रा के दौरान बड़ा राजनीतिक और रणनीतिक संदेश देते हुए कहा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) खुद भारत में शामिल होने की मांग करेगा। उन्होंने कहा कि अब पीओके में भी यह आवाज उठने लगी है कि ‘मैं भी भारत हूं’। इस बयान से भारत-पाक रिश्तों पर एक बार फिर सियासी पारा चढ़ गया है। राजनाथ सिंह मोरक्को के कासाब्लांका शहर में भारतीय समुदाय को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने अमेरिका के टैरिफ नीति पर भारत के शांत और संतुलित रवैये की भी व्याख्या की।
PoK पर क्या बोले राजनाथ सिंह?
राजनाथ सिंह ने कहा “मैंने पांच साल पहले कहा था कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर बिना युद्ध के भारत के साथ आएगा। आज वहां की जनता खुद कह रही है कि हम भारतीय हैं। हमें किसी हमले की जरूरत नहीं पड़ेगी।” उन्होंने कहा कि PoK भारत का हिस्सा है और वहां की जनता अब खुद अपनी पहचान को लेकर सवाल उठा रही है। “यह समय की बात है, PoK खुद बोलेगा – ‘मैं भी भारत हूं’,” ऐसा उन्होंने अपने संबोधन में जोड़ा।
अमेरिका के टैरिफ पर भी साधा निशाना
अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ, जिसमें 25 प्रतिशत पेनल्टी के तौर पर लगाया गया था, उस पर भी राजनाथ सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा “जो उदार होते हैं, बड़े दिल वाले होते हैं, वे हर बात पर तुरंत प्रतिक्रिया नहीं देते।” यह बयान अमेरिका के रवैये पर राजनयिक सयंम का इशारा था, लेकिन इसके माध्यम से भारत की मजबूती और आत्मविश्वास का भी प्रदर्शन किया गया।
भारत-अमेरिका व्यापार तनाव के बीच जयशंकर की यात्रा
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार संबंधों में बढ़ते तनाव के बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल इस समय अमेरिका दौरे पर हैं। सोमवार (22 सितंबर) को जयशंकर की अमेरिकी सांसद मार्को रुबियो से मुलाकात होनी है, जिसमें ट्रेड डील और टैरिफ के मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
मोरक्को का दौरा क्यों है ऐतिहासिक?
राजनाथ सिंह मोरक्को का दौरा करने वाले भारत के पहले रक्षा मंत्री बन गए हैं, जिससे यह यात्रा ऐतिहासिक बन गई है। इस यात्रा का उद्देश्य भारत और मोरक्को के बीच रक्षा एवं सामरिक सहयोग को मजबूत करना है। मोरक्को प्रवास के दौरान रक्षा मंत्री कई उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठकों में भाग लेंगे और रक्षा उत्पादन, प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा करेंगे।
राजनाथ सिंह के मोरक्को से दिए गए बयान केवल राजनीतिक भाषण नहीं हैं, बल्कि यह भारत की रणनीतिक सोच और कूटनीतिक आत्मविश्वास का परिचायक हैं। PoK पर दिया गया बयान एक स्पष्ट संदेश है कि भारत अब धैर्य के साथ लेकिन स्पष्ट नीति पर चल रहा है। वहीं अमेरिका को भी यह संदेश दिया गया है कि भारत अपने हितों की रक्षा करना जानता है — वो भी गरिमा के साथ।
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