Jamui Viral Video : बिहार के जमुई में नाबालिग लड़की से कथित छेड़छाड़ और उसके पुरुष साथी के साथ मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने ऐसे अकाउंट्स की पहचान की है, जिन्होंने नाबालिग की पहचान छिपाए बिना वीडियो को शेयर या रीपोस्ट किया। पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि पीड़ित बच्चे की पहचान उजागर करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
Facebook, Instagram और X अकाउंट्स पर टेकडाउन शुरू
ADG लॉ एंड ऑर्डर अनुपम ने सोमवार को बताया कि पुलिस ने वीडियो को प्रसारित करने वाले कई सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान की है। अब तक 13 Facebook, 12 Instagram और सात X अकाउंट्स के खिलाफ टेकडाउन की कार्रवाई शुरू की गई है। इस तरह कुल 32 सोशल मीडिया अकाउंट्स कार्रवाई के दायरे में आए हैं। पुलिस का उद्देश्य वायरल वीडियो के प्रसार को रोकना और नाबालिग की पहचान सुरक्षित रखना है।
नाबालिग की पहचान उजागर करने पर हो सकती है कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, किसी नाबालिग से संबंधित आपत्तिजनक या अपराध से जुड़ा वीडियो इस तरह प्रसारित करना, जिससे उसकी पहचान उजागर हो, कानूनी परेशानी का कारण बन सकता है। ADG अनुपम ने कहा कि ऐसे मामलों में POCSO एक्ट और Juvenile Justice Act की धारा 74 के तहत कार्रवाई की संभावना है। इन प्रावधानों का उद्देश्य कानूनी कार्यवाही से जुड़े बच्चों की पहचान को सुरक्षित रखना है।
पुलिस ने वीडियो शेयर नहीं करने की अपील की
जमुई की घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से फैलने के बाद पुलिस ने आम यूजर्स से इसे डाउनलोड, शेयर या रीपोस्ट नहीं करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो को आगे प्रसारित करने से पीड़ित नाबालिग की पहचान उजागर हो सकती है। पुलिस ने सोशल मीडिया यूजर्स को जिम्मेदारी से व्यवहार करने और किसी भी आपत्तिजनक फुटेज को आगे न बढ़ाने की सलाह दी है।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी लिया संज्ञान
मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग की ओर से वीडियो के आगे प्रसार को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है। इस बीच पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना में शामिल सभी संदिग्धों की भूमिका का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है
पुलिस ने अब तक मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दो की उम्र 17 से 18 वर्ष के बीच बताई गई है। पुलिस अब अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच के दौरान सात से आठ लोगों के नाम सामने आने की जानकारी दी गई है। शुरुआती FIR में सात लोगों को आरोपी बनाया गया था और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
19 सितंबर को पहाड़ी इलाके में हुई थी घटना
ADG अनुपम के अनुसार, घटना 19 सितंबर की शाम करीब 6:25 से 6:30 बजे के बीच हुई थी। बताया गया कि जमुई-लखीसराय मुख्य सड़क से लगभग तीन किलोमीटर दूर एक पहाड़ी इलाके में किशोर लड़की और उसका पुरुष साथी घूमकर लौट रहे थे। इसी दौरान एक समूह ने दोनों को कथित तौर पर रोक लिया।
वीडियो में लड़की से बदसलूकी और युवक से मारपीट
वायरल हुए वीडियो में लड़की को परेशान किए जाने और उसके पुरुष साथी के साथ मारपीट किए जाने का दृश्य दिखाई देता है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। अधिकारियों के अनुसार, घटना के पीछे शामिल सभी लोगों की पहचान की जा रही है। साथ ही पुलिस यह भी जांच रही है कि घटना के समय इलाके में गश्त और सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी।
सोशल मीडिया पर वीडियो फैलाने वालों पर भी नजर
जमुई पुलिस अब केवल घटना में शामिल आरोपियों की तलाश तक सीमित नहीं है, बल्कि वीडियो को सोशल मीडिया पर फैलाने वाले अकाउंट्स की भी जांच कर रही है। पुलिस का फोकस नाबालिग की पहचान को सुरक्षित रखने और आपत्तिजनक वीडियो के आगे प्रसार को रोकने पर है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे पीड़ित बच्चे की निजता का सम्मान करें और वीडियो को आगे प्रसारित न करें।
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