Hemant Soren PMLA Case : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जुड़े PMLA मामले में सोमवार को रांची की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। यह मामला बड़गाईं इलाके की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित है। अदालत में हेमंत सोरेन की ओर से चार्ज फ्रेम करने और आगे की न्यायिक प्रक्रिया को फिलहाल टालने की मांग वाली अर्जी पर सुनवाई हुई।
चार्ज फ्रेमिंग टालने की याचिका कोर्ट ने खारिज की
हेमंत सोरेन की ओर से पेश बचाव पक्ष ने अदालत के सामने दलील दी कि मामले में जांच का कुछ हिस्सा अभी लंबित है। ऐसे में फिलहाल आरोप तय करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना उचित नहीं होगा। इसी आधार पर बचाव पक्ष ने चार्ज फ्रेमिंग की कार्रवाई स्थगित करने का अनुरोध किया। हालांकि, प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने इस मांग का विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष अदालत ने याचिका खारिज कर दी।
अदालत ने आगे की जांच को लेकर क्या कहा?
सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष यह मुद्दा भी आया कि आगे की जांच लंबित होने के कारण क्या आरोप तय करने की प्रक्रिया रोकी जा सकती है। ED की ओर से कहा गया कि PMLA की धारा 44 के तहत आगे की जांच और सप्लीमेंट्री शिकायत दाखिल करने की कानूनी गुंजाइश बनी रहती है। इसलिए केवल अतिरिक्त जांच लंबित होने को आधार बनाकर मौजूदा न्यायिक प्रक्रिया रोकना जरूरी नहीं है।
URUDs की सूची को लेकर भी हुई बहस
सुनवाई के दौरान हेमंत सोरेन की ओर से Un-relied Upon Documents यानी URUDs की सूची को लेकर भी सवाल उठाया गया। बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि संबंधित सूची उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसके जवाब में ED के विशेष लोक अभियोजक ने अदालत को बताया कि 24 जून 2025 के आदेश के अनुसार आवश्यक कार्रवाई पहले ही की जा चुकी है।
ED ने सूची दोबारा उपलब्ध कराने की बात कही
ED की ओर से यह भी कहा गया कि हेमंत सोरेन की ओर से दायर डिस्चार्ज याचिका के दौरान उनके अधिवक्ता ने दस्तावेजों की सूची प्राप्त होने की बात स्वीकार की थी। हालांकि, ED ने कहा कि यदि बचाव पक्ष को दोबारा सूची की आवश्यकता है, तो अगली सुनवाई में इसे फिर से उपलब्ध कराया जा सकता है। इस मुद्दे पर भी दोनों पक्षों के बीच अदालत में दलीलें हुईं।
सर्वर डाउन होने से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्रभावित
सोमवार को हेमंत सोरेन की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी भी तकनीकी समस्या के कारण पूरी नहीं हो सकी। रिपोर्टों के मुताबिक, अदालत परिसर में सर्वर संबंधी समस्या के कारण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई। इसके चलते चार्ज फ्रेमिंग के मुख्य मुद्दे पर सोमवार को सुनवाई पूरी नहीं हो सकी।
24 सितंबर को फिर होगी मामले की सुनवाई
अब रांची की विशेष PMLA अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 24 सितंबर 2026 की तारीख तय की है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, उस दिन हेमंत सोरेन की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी और उनके खिलाफ आरोप तय करने के मुद्दे पर सुनवाई निर्धारित है। सोमवार को उनकी ओर से कार्रवाई स्थगित करने की अर्जी खारिज होने के बाद अब अदालत में आगे की न्यायिक प्रक्रिया इसी तारीख पर बढ़ेगी।
8.86 एकड़ जमीन से जुड़ा है मामला
मामला रांची के बड़गाईं क्षेत्र की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़ा है। झारखंड हाईकोर्ट के 18 सितंबर के आदेश में दर्ज विवरण के अनुसार, ED की जांच एक बड़े भूमि संबंधी मामले से आगे बढ़ी थी और एजेंसी ने आरोप लगाया कि संबंधित जमीन के रिकॉर्ड में हेरफेर और अवैध अधिग्रहण से जुड़े पहलू सामने आए। हेमंत सोरेन ने निचली अदालत के डिस्चार्ज आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में आपराधिक पुनरीक्षण याचिका भी दाखिल की है।