Chhattisgarh liquor scam: 28 निलंबित आबकारी अधिकारी कोर्ट पहुंचे, सुप्रीम कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत

Chhattisgarh liquor scam: छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए शराब घोटाले में बड़ा अपडेट सामने आया है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत मिलने के बाद शनिवार, 22 सितंबर को 28 निलंबित आबकारी अधिकारी रायपुर स्थित EOW कोर्ट (आर्थिक अपराध अन्वेषण न्यायालय) पहुंचे। इन अधिकारियों पर आरोप है कि इन्होंने शराब सिंडिकेट के तहत 88 करोड़ रुपए से ज्यादा की अवैध कमाई की थी।

ads

क्या है पूरा मामला?

यह घोटाला राज्य में 2019 से 2022 के बीच शराब वितरण और बिक्री से जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में सामने आया कि एक संगठित सिंडिकेट बनाया गया, जिसमें IAS अधिकारी, आबकारी विभाग के अफसर और शराब कारोबारी शामिल थे। इस सिंडिकेट के ज़रिए शराब बिक्री में घोटाले को अंजाम दिया गया।

Adst

सिंडिकेट की शुरुआत और प्लानिंग

फरवरी 2019 में रायपुर के होटल वेनिंगटन में हुई बैठक में घोटाले की नींव रखी गई।कारोबारी अनवर ढेबर ने इस बैठक में तीन प्रमुख डिस्टलरी मालिकों को बुलाया। इस मीटिंग में छत्तीसगढ़ डिस्टलरी से नवीन केडिया, भाटिया वाइंस से भूपेंदर पाल सिंह भाटिया, वेलकम डिस्टलरी से राजेंद्र जायसवाल उर्फ चुन्नू समेत कई कारोबारी शामिल थे।बैठक में तय हुआ कि हर शराब पेटी पर तय कमीशन लिया जाएगा और इसके बदले शराब की कीमत बढ़ाने का आश्वासन दिया गया।

तीन भागों में बंटा घोटाला: A, B और C पार्ट

ED की रिपोर्ट के अनुसार, शराब सिंडिकेट ने पूरे अवैध कारोबार को तीन हिस्सों में बांटा:

A-Part: अवैध रूप से नकली शराब की बिक्री और MRP से अधिक कीमत वसूली।

B-Part: सरकारी शराब दुकानों से की गई ब्लैक इनकम।

C-Part: डिस्टलरी मालिकों से वसूला गया कमीशन।

इन तीनों माध्यमों से अनुमानित 2000 करोड़ रुपए का घोटाला सामने आया है।

कौन-कौन है आरोपी?

अनिल टुटेजा (IAS अधिकारी)

AP त्रिपाठी (तत्कालीन आबकारी विभाग के MD)

अनवर ढेबर (प्रमुख शराब कारोबारी)

28 आबकारी अधिकारी (अब निलंबित)

कई डिस्टलरी संचालक और निजी कारोबारी

इन सभी के खिलाफ ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच शुरू की है और ACB में FIR दर्ज कराई गई है।

सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत, लेकिन जांच जारी

अगस्त के आखिरी सप्ताह में सुप्रीम कोर्ट ने सभी 28 अधिकारियों को अग्रिम जमानत दे दी थी। कोर्ट में यह तर्क दिया गया कि अधिकारियों को सुनवाई से पहले गिरफ्तारी से सुरक्षा दी जाए ताकि वे जांच में सहयोग कर सकें। अब सभी अधिकारी EOW कोर्ट में पेश होकर प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं।

राजनीतिक और प्रशासनिक सवाल

इस शराब घोटाले ने न केवल छत्तीसगढ़ की पूर्व कांग्रेस सरकार, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस तरह से सरकारी तंत्र और निजी कारोबारी मिलकर जनता के राजस्व का दुरुपयोग कर रहे थे, वह गंभीर चिंता का विषय है।राज्य सरकार ने सभी आरोपित अधिकारियों को सस्पेंड कर जांच में तेजी लाने का दावा किया है।

छत्तीसगढ़ का यह शराब घोटाला सिर्फ एक आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि राज्य की नीतिगत विफलता और भ्रष्टाचार की गहरी जड़ें उजागर करता है। अब जबकि मामले में न्यायिक प्रक्रिया तेज हो रही है, निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या दोषियों को सजा मिल पाएगी और जनता का विश्वास लौटेगा।

Read More: Jasbir Singh Chawla resignation: AAP में संगठनात्मक टूट: जसबीर सिंह चावला का इस्तीफा और उनके आरोप

Adst
Admin

Admin

Writer & Blogger

All Posts
Previous Post
Next Post

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • FIFA World Cup 2026
  • Thetarget365
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ट्रेंड
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • पशु-पक्षी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • शिक्षा और नौकरी
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस

© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.