Trump on Ukraine war: रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर एक बार फिर पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चर्चा में हैं। हाल ही में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से मुलाकात के बाद ट्रंप ने रूस पर तीखा हमला बोलते हुए उसे ‘पेपर टाइगर’ करार दिया। उन्होंने दावा किया कि अगर सही रणनीति अपनाई जाए, तो यूक्रेन अपनी पूरी खोई हुई जमीन वापस ले सकता है, जिसमें 2014 में रूस द्वारा कब्जाया गया क्राइमिया और 2022 के बाद हथियाए गए क्षेत्र भी शामिल हैं।
ट्रंप का दावा: यूक्रेन जीत सकता है पूरा क्षेत्र
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “रूस की सैन्य ताकत केवल कागजों पर है। असलियत में रूस आर्थिक रूप से कमजोर हो चुका है और उसकी सेना उतनी प्रभावशाली नहीं है जितनी दुनिया मानती है।” ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर वैश्विक नेतृत्व और रणनीति मजबूत हो, तो यूक्रेन को अपना क्षेत्र वापस पाने से कोई नहीं रोक सकता।
रूसी सेना को बताया ‘Paper Tiger’
अपने बयान में ट्रंप ने रूसी सेना की तुलना ‘पेपर टाइगर’ से करते हुए कहा, “रूस की ताकत केवल प्रचार में है, जबकि असल युद्ध में उसकी स्थिति बहुत कमजोर है।” उन्होंने आगे कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और लंबी लड़ाई ने रूस को अंदर से तोड़ दिया है।
क्रेमलिन का पलटवार: ‘हम भालू हैं, कागज़ी बाघ नहीं’
ट्रंप के इस बयान पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रवक्ता और क्रेमलिन की ओर से कड़ा जवाब दिया गया है। क्रेमलिन ने कहा, “रूस को पेपर टाइगर बताना हास्यास्पद है। रूस एक भालू है, जो शांत दिख सकता है लेकिन जब समय आता है, तो वह ताकत से जवाब देता है।”
जेलेंस्की से ट्रंप की मुलाकात
कुछ ही दिन पहले वोलोडिमिर जेलेंस्की और ट्रंप की मुलाकात न्यूयॉर्क में हुई थी, जहां ट्रंप ने यूक्रेन को अमेरिका की ओर से समर्थन जारी रखने का भरोसा दिलाया। ट्रंप का मानना है कि युद्ध को बातचीत के ज़रिए खत्म किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए रूस पर दबाव बनाए रखना जरूरी है।
क्या चुनावी रणनीति का हिस्सा है बयान?
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह आक्रामक रुख अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव 2024 की तैयारी का हिस्सा भी हो सकता है। ट्रंप हमेशा से ही मजबूत अंतरराष्ट्रीय नीति की बात करते रहे हैं और रूस को लेकर उनका रुख पहले भी कठोर रहा है।
डोनाल्ड ट्रंप के ‘पेपर टाइगर’ वाले बयान ने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर वैश्विक बहस को फिर से तेज कर दिया है। जहां एक तरफ ट्रंप यूक्रेन को पूरा समर्थन देने की बात कर रहे हैं, वहीं रूस इसे भड़काऊ राजनीति बता रहा है। अब देखने वाली बात होगी कि ट्रंप के इस बयान से आने वाले दिनों में कूटनीतिक समीकरण किस ओर मुड़ते हैं।
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Trump on Ukraine war: यूक्रेन पर ट्रंप का बड़ा बयान: रूसी सेना को बताया ‘पेपर टाइगर’, बोले- यूक्रेन वापस ले सकता है अपनी जमीन
Trump on Ukraine war: रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर एक बार फिर पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चर्चा में हैं। हाल ही में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से मुलाकात के बाद ट्रंप ने रूस पर तीखा हमला बोलते हुए उसे ‘पेपर टाइगर’ करार दिया। उन्होंने दावा किया कि अगर सही रणनीति अपनाई जाए, तो यूक्रेन अपनी पूरी खोई हुई जमीन वापस ले सकता है, जिसमें 2014 में रूस द्वारा कब्जाया गया क्राइमिया और 2022 के बाद हथियाए गए क्षेत्र भी शामिल हैं।
ट्रंप का दावा: यूक्रेन जीत सकता है पूरा क्षेत्र
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “रूस की सैन्य ताकत केवल कागजों पर है। असलियत में रूस आर्थिक रूप से कमजोर हो चुका है और उसकी सेना उतनी प्रभावशाली नहीं है जितनी दुनिया मानती है।” ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर वैश्विक नेतृत्व और रणनीति मजबूत हो, तो यूक्रेन को अपना क्षेत्र वापस पाने से कोई नहीं रोक सकता।
रूसी सेना को बताया ‘Paper Tiger’
अपने बयान में ट्रंप ने रूसी सेना की तुलना ‘पेपर टाइगर’ से करते हुए कहा, “रूस की ताकत केवल प्रचार में है, जबकि असल युद्ध में उसकी स्थिति बहुत कमजोर है।” उन्होंने आगे कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और लंबी लड़ाई ने रूस को अंदर से तोड़ दिया है।
क्रेमलिन का पलटवार: ‘हम भालू हैं, कागज़ी बाघ नहीं’
ट्रंप के इस बयान पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रवक्ता और क्रेमलिन की ओर से कड़ा जवाब दिया गया है। क्रेमलिन ने कहा, “रूस को पेपर टाइगर बताना हास्यास्पद है। रूस एक भालू है, जो शांत दिख सकता है लेकिन जब समय आता है, तो वह ताकत से जवाब देता है।”
जेलेंस्की से ट्रंप की मुलाकात
कुछ ही दिन पहले वोलोडिमिर जेलेंस्की और ट्रंप की मुलाकात न्यूयॉर्क में हुई थी, जहां ट्रंप ने यूक्रेन को अमेरिका की ओर से समर्थन जारी रखने का भरोसा दिलाया। ट्रंप का मानना है कि युद्ध को बातचीत के ज़रिए खत्म किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए रूस पर दबाव बनाए रखना जरूरी है।
क्या चुनावी रणनीति का हिस्सा है बयान?
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह आक्रामक रुख अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव 2024 की तैयारी का हिस्सा भी हो सकता है। ट्रंप हमेशा से ही मजबूत अंतरराष्ट्रीय नीति की बात करते रहे हैं और रूस को लेकर उनका रुख पहले भी कठोर रहा है।
डोनाल्ड ट्रंप के ‘पेपर टाइगर’ वाले बयान ने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर वैश्विक बहस को फिर से तेज कर दिया है। जहां एक तरफ ट्रंप यूक्रेन को पूरा समर्थन देने की बात कर रहे हैं, वहीं रूस इसे भड़काऊ राजनीति बता रहा है। अब देखने वाली बात होगी कि ट्रंप के इस बयान से आने वाले दिनों में कूटनीतिक समीकरण किस ओर मुड़ते हैं।
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