Shashi Tharoor India Pakistan: एशिया कप 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच खेले गए दो मैचों को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि मैच खेला ही जाना था तो भारतीय टीम को पाकिस्तान की टीम के साथ खेल भावना दिखाते हुए हाथ मिलाना चाहिए था। थरूर का यह बयान पिछले कुछ समय से भारत-पाकिस्तान के तनावपूर्ण संबंधों और क्रिकेट के जरिए बढ़ रही जटिलताओं पर नई बहस छेड़ रहा है।
शशि थरूर का बयान
शशि थरूर ने कहा, “मुझे व्यक्तिगत रूप से लगता है कि अगर खेलने का फैसला हो ही गया था, तो हमें पाकिस्तान के प्रति वैसा ही व्यवहार नहीं करना चाहिए था। अगर हम उनके बारे में इतना सोचते हैं कि विरोध करना चाहिए तो हमें मैच ही नहीं खेलना चाहिए था। लेकिन यदि हम पाकिस्तान के साथ खेल रहे हैं, तो खेल भावना के तहत हाथ मिलाना चाहिए था।”
कारगिल युद्ध के दौरान भी हुआ था ऐसा व्यवहार
थरूर ने 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान हुए विश्व कप मैच का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय भी दोनों देशों की सेनाएं लड़ रही थीं, लेकिन खिलाड़ियों ने खेल भावना को बनाए रखा था। उन्होंने कहा, “जिस दिन हमारे सैनिक देश के लिए जान दे रहे थे, उसी दिन इंग्लैंड में पाकिस्तान के खिलाफ विश्व कप मैच खेला गया था और दोनों टीमों के खिलाड़ी एक-दूसरे से हाथ मिला रहे थे। खेल भावना देशों और सेनाओं के बीच के रिश्तों से अलग होती है।”
शशि थरूर ने खेल भावना के अभाव पर जताई चिंता
शशि थरूर ने कहा कि यदि पहली बार भारतीय टीम को अपमानित करने के बाद भी पाकिस्तानी टीम ने दूसरा अपमान किया, तो इससे यह साफ होता है कि दोनों पक्षों में खेल भावना का अभाव है। उनका यह बयान खासकर एशिया कप के दौरान भारतीय खिलाड़ियों के पाकिस्तान टीम के साथ शारीरिक संपर्क से बचने को लेकर आया है।
पूरा मामला क्या है?
मई 2025 में पहलागाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के संबंध और भी तनावपूर्ण हो गए। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत कई आतंकियों को मार गिराया, जिसके बाद दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय तनाव बढ़ गया। इस बीच, दुबई में आयोजित एशिया कप 2025 में भारत और पाकिस्तान के मैच को लेकर देश में विरोध की आवाजें उठीं। कई राजनीतिक दलों और प्रदेशों में पाकिस्तान से मैच खेलने का विरोध किया गया।
भारतीय टीम का रवैया रहा कड़वा
भारत-पाक मैच के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तान टीम के खिलाड़ियों से न तो हाथ मिलाया और न ही कोई दोस्ताना व्यवहार दिखाया। इस बात को लेकर देशभर में समर्थन और आलोचना दोनों हुई। भारतीय जनता ने इसे देशभक्ति का प्रतीक माना, जबकि कुछ आलोचकों ने इसे खेल भावना के खिलाफ बताया। शशि थरूर का यह बयान भारत-पाक क्रिकेट संबंधों और राजनीतिक तनाव के बीच खेल और कूटनीति के जटिल रिश्ते को उजागर करता है। जहां देश के कुछ हिस्से और राजनीतिक नेता कड़े रुख पर हैं, वहीं थरूर जैसे सांसद खेल को एक सेतु के रूप में देखना चाहते हैं। आने वाले समय में यह बहस जारी रहेगी कि भारत-पाक खेल मुकाबलों में खेल भावना और राजनयिक नीतियों के बीच संतुलन कैसे बनाए रखा जाए।
Read More: EVM Counting Rule: EVM काउंटिंग अब पोस्टल बैलट के बाद, चुनाव आयोग का नया नियम, गिनती में आएगी पारदर्शिता
Shashi Tharoor India Pakistan: भारत-पाक मैच पर शशि थरूर का विवादित बयान, ‘पाकिस्तान से हाथ मिलाना चाहिए था’
Shashi Tharoor India Pakistan: एशिया कप 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच खेले गए दो मैचों को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि मैच खेला ही जाना था तो भारतीय टीम को पाकिस्तान की टीम के साथ खेल भावना दिखाते हुए हाथ मिलाना चाहिए था। थरूर का यह बयान पिछले कुछ समय से भारत-पाकिस्तान के तनावपूर्ण संबंधों और क्रिकेट के जरिए बढ़ रही जटिलताओं पर नई बहस छेड़ रहा है।
शशि थरूर का बयान
शशि थरूर ने कहा, “मुझे व्यक्तिगत रूप से लगता है कि अगर खेलने का फैसला हो ही गया था, तो हमें पाकिस्तान के प्रति वैसा ही व्यवहार नहीं करना चाहिए था। अगर हम उनके बारे में इतना सोचते हैं कि विरोध करना चाहिए तो हमें मैच ही नहीं खेलना चाहिए था। लेकिन यदि हम पाकिस्तान के साथ खेल रहे हैं, तो खेल भावना के तहत हाथ मिलाना चाहिए था।”
कारगिल युद्ध के दौरान भी हुआ था ऐसा व्यवहार
थरूर ने 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान हुए विश्व कप मैच का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय भी दोनों देशों की सेनाएं लड़ रही थीं, लेकिन खिलाड़ियों ने खेल भावना को बनाए रखा था। उन्होंने कहा, “जिस दिन हमारे सैनिक देश के लिए जान दे रहे थे, उसी दिन इंग्लैंड में पाकिस्तान के खिलाफ विश्व कप मैच खेला गया था और दोनों टीमों के खिलाड़ी एक-दूसरे से हाथ मिला रहे थे। खेल भावना देशों और सेनाओं के बीच के रिश्तों से अलग होती है।”
शशि थरूर ने खेल भावना के अभाव पर जताई चिंता
शशि थरूर ने कहा कि यदि पहली बार भारतीय टीम को अपमानित करने के बाद भी पाकिस्तानी टीम ने दूसरा अपमान किया, तो इससे यह साफ होता है कि दोनों पक्षों में खेल भावना का अभाव है। उनका यह बयान खासकर एशिया कप के दौरान भारतीय खिलाड़ियों के पाकिस्तान टीम के साथ शारीरिक संपर्क से बचने को लेकर आया है।
पूरा मामला क्या है?
मई 2025 में पहलागाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के संबंध और भी तनावपूर्ण हो गए। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत कई आतंकियों को मार गिराया, जिसके बाद दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय तनाव बढ़ गया। इस बीच, दुबई में आयोजित एशिया कप 2025 में भारत और पाकिस्तान के मैच को लेकर देश में विरोध की आवाजें उठीं। कई राजनीतिक दलों और प्रदेशों में पाकिस्तान से मैच खेलने का विरोध किया गया।
भारतीय टीम का रवैया रहा कड़वा
भारत-पाक मैच के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तान टीम के खिलाड़ियों से न तो हाथ मिलाया और न ही कोई दोस्ताना व्यवहार दिखाया। इस बात को लेकर देशभर में समर्थन और आलोचना दोनों हुई। भारतीय जनता ने इसे देशभक्ति का प्रतीक माना, जबकि कुछ आलोचकों ने इसे खेल भावना के खिलाफ बताया। शशि थरूर का यह बयान भारत-पाक क्रिकेट संबंधों और राजनीतिक तनाव के बीच खेल और कूटनीति के जटिल रिश्ते को उजागर करता है। जहां देश के कुछ हिस्से और राजनीतिक नेता कड़े रुख पर हैं, वहीं थरूर जैसे सांसद खेल को एक सेतु के रूप में देखना चाहते हैं। आने वाले समय में यह बहस जारी रहेगी कि भारत-पाक खेल मुकाबलों में खेल भावना और राजनयिक नीतियों के बीच संतुलन कैसे बनाए रखा जाए।
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