Shardiya Navratri 2025: शारदीय नवरात्रि 2025 के चौथे दिन मां दुर्गा के चतुर्थ स्वरूप मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है। मां कूष्मांडा को सृष्टि की आदिकर्त्री माना जाता है। उनका नाम ‘कूष्मांडा’ तीन शब्दों से मिलकर बना है – कू (थोड़ा), उष्मा (ऊर्जा/ताप), अंड (ब्रह्मांड)। अर्थात्, जिनकी हल्की मुस्कान मात्र से ब्रह्मांड की रचना हुई। 🌺 मां कूष्मांडा की उपासना का महत्व ब्रह्मांड की निर्माता: मां कूष्मांडा ने अपनी दिव्य मुस्कान से सृष्टि का आरंभ किया। वे ऊर्जा और प्रकाश का मूल स्रोत हैं। सुख-समृद्धि की देवी: उनकी पूजा से आयु, बल, यश, आरोग्य और धन में वृद्धि होती है। नकारात्मकता का नाश: मां के आशीर्वाद से रोग, शोक और दरिद्रता दूर होती है। बुद्धि और ध्यान की अधिष्ठात्री: विद्यार्थियों और साधकों के लिए उनकी आराधना विशेष फलदायी होती है। आध्यात्मिक उन्नति: उनके पूजन से साधक को मानसिक शांति और आध्यात्मिक संतुलन प्राप्त होता है। 🪔 मां कूष्मांडा की पूजा विधि (शास्त्रसम्मत) स्नान और शुद्धि ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। घर और पूजन स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें। प्रतिमा या चित्र स्थापना मां कूष्मांडा की प्रतिमा या चित्र को पूर्व दिशा की ओर स्थापित करें। लाल या पीले वस्त्र पर पूजा स्थल सजाएं। ध्यान और आवाहन मां का ध्यान करें और निम्न मंत्र से उनका आवाहन करें: “ॐ कूष्मांडायै नमः” भोग और पूजन सामग्री अर्पण लाल फूल, कुमकुम, हल्दी, चावल (अक्षत), धूप-दीप अर्पित करें। विशेष रूप से सफेद कुम्हड़ा (कशीर फलक) का भोग लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है। नारियल, मिष्ठान्न, फल और सफेद चीजें भोग में रखें। आरती और मंत्र जाप घी का दीपक जलाएं और मां की आरती करें। दुर्गा चालीसा या दुर्गा सप्तशती के चौथे अध्याय का पाठ करें। क्षमा याचना पूजा के अंत में मां से अनजाने में हुई भूल के लिए क्षमा मांगें। मां कूष्मांडा – योग और ध्यान की देवी मां कूष्मांडा योगिनी स्वरूप हैं। वे भक्तों के अंदर स्थिरता, शांति और आंतरिक ऊर्जा का संचार करती हैं। ध्यान-योग में रुचि रखने वालों के लिए उनका पूजन विशेष फलदायक होता है। शारदीय नवरात्रि का चौथा दिन मां कूष्मांडा को समर्पित है – जो जीवन में प्रकाश, ऊर्जा, समृद्धि और संतुलन लाती हैं। उनकी उपासना से भक्तों का मन स्थिर होता है, रोग-दोष दूर होते हैं और जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है। इस नवरात्रि पर मां कूष्मांडा की कृपा से आपका जीवन ऊर्जा, यश और सुख से परिपूर्ण हो – यही शुभकामना। Read More : Center Action on Sonam Wangchuk: लद्दाख हिंसा के बाद सरकार का सख्त कदम, सोनम वांगचुक के NGO का FCRA रद्द
















