President Murmu Mathura visit: भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मस्थान पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन और पूजन किए। उनकी यह आध्यात्मिक यात्रा श्रद्धा और भावनाओं से ओतप्रोत रही। मथुरावासियों और प्रशासन की ओर से उनका भव्य स्वागत किया गया।

श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर पहली बार पहुँचीं देश की राष्ट्रपति
यह पहला अवसर है जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर आकर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की। सुबह जैसे ही वे मंदिर परिसर में पहुंचीं, वैदिक मंत्रों और शंखनाद के साथ उनका पारंपरिक स्वागत हुआ। मंदिर के पुजारियों ने उन्हें भगवान कृष्ण की बाल स्वरूप मूर्ति का दर्शन कराया और विशेष पूजा संपन्न करवाई।

श्रद्धा और आध्यात्मिक भावनाओं से जुड़ा क्षण
राष्ट्रपति मुर्मू ने भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में पुष्प अर्पित किए और भारतवासियों की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। उन्होंने मंदिर परिसर में कुछ समय ध्यान साधना में भी बिताया। राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से बताया गया कि यह यात्रा पूरी तरह धार्मिक और व्यक्तिगत श्रद्धा से प्रेरित थी।
मथुरा के लोगों में दिखा उत्साह
राष्ट्रपति की मथुरा यात्रा को लेकर स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। मंदिर की सुरक्षा के मद्देनज़र प्रशासन ने पुख्ता इंतज़ाम किए थे। शहर के प्रमुख मार्गों को सजाया गया था और जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए थे। हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर के बाहर मौजूद रहे और ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयकारों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दी शुभकामनाएं
राष्ट्रपति की इस पावन यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वागत करते हुए कहा कि यह मथुरा और समस्त ब्रजवासियों के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा,“राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी का श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर आगमन ब्रजधरा के लिए शुभ संकेत है। भगवान श्रीकृष्ण की कृपा उन पर और समस्त देशवासियों पर बनी रहे।”
भारत की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ाव
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर दर्शन-पूजन करना यह दर्शाता है कि भारत की शीर्ष संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति भी अपनी आध्यात्मिक विरासत और सनातन संस्कृति से गहरे रूप से जुड़े हुए हैं। उनकी यह यात्रा देश के करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणास्रोत है।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की यह मथुरा यात्रा न केवल एक आध्यात्मिक अनुभव थी, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक विविधता और धार्मिक आस्था का भी सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करती है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि के दर्शन कर उन्होंने यह संदेश दिया कि भारत की आत्मा उसकी परंपराओं और आस्थाओं में बसी हुई है।
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