Vijay rally stampede: तमिलनाडु के करूर में एक्टर विजय की रैली के दौरान हुई भगदड़ ने पूरे प्रदेश को शोक में डाल दिया है। इस दर्दनाक घटना में 39 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 51 घायल हैं। अब तक सामने आए तथ्यों के अनुसार, इस भगदड़ की शुरुआत एक 9 साल की बच्ची के अचानक गायब होने की खबर से हुई, जिसके बाद पुलिस और भीड़ ने उसे खोजने की कोशिश की और इसी दौरान अफरा-तफरी मच गई। आइए, जानते हैं इस घटना से जुड़े 5 महत्वपूर्ण अपडेट्स:

1. 9 साल की बच्ची की गुमशुदगी से शुरू हुआ हादसा
रैली के दौरान अचानक यह खबर फैली कि एक 9 साल की बच्ची खो गई है। इस खबर को सुनकर एक्टर विजय ने भीड़ और पुलिस से बच्ची को खोजने की अपील की। बच्ची की तलाश में जुटी भीड़ के बीच भगदड़ मच गई, जिससे कई लोग दब गए और दम घुटने से बेहोश हो गए। विजय ने लोगों को शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन स्थिति नियंत्रण से बाहर हो चुकी थी। इसके बाद वे रैली छोड़कर चार्टर्ड फ्लाइट से चेन्नई के लिए रवाना हो गए।

2. मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने दी मृतकों और घायलों की संख्या
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने करूर अस्पताल में मृतकों और घायलों से मुलाकात कर जानकारी दी कि इस हादसे में 39 लोगों की मौत हुई है, जिनमें महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल हैं। 51 लोग गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज चल रहा है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपये और घायलों को 1 लाख रुपये मुआवजा देने की भी घोषणा की। उन्होंने इस घटना को प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा राजनीतिक कार्यक्रम हादसा बताया।
3. जांच आयोग का गठन
मुख्यमंत्री स्टालिन ने इस दुखद घटना की जांच के लिए हाई कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस अरुणा जगदीसन की अध्यक्षता में एक विशेष जांच आयोग गठित किया है। आयोग को जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। करूर जिला प्रशासन ने भी मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया है। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी तमिलनाडु सरकार से रिपोर्ट मांगी है। इस मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल समेत कई बड़े नेताओं ने संवेदना व्यक्त की है।
4. भीड़ नियंत्रण में हुई भारी चूक
रैली में करीब 50,000 लोग एक्टर विजय को देखने पहुंचे थे, जबकि अनुमति सिर्फ 10,000 लोगों की थी। आयोजकों और पुलिस की ओर से भीड़ नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। बैरिकेड टूटने और भीड़ के बेकाबू होने के कारण हालात बिगड़ गए। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने में काफी संघर्ष किया, लेकिन अफरा-तफरी के बीच स्थिति संभालना मुश्किल हो गया। एंबुलेंस पहुंची, लेकिन घायलों तक पहुंचने में समय लगा।
5. महिलाओं और बच्चों की बड़ी संख्या थी भीड़ में
पुलिस के अनुसार, रैली स्थल लगभग 1 लाख 20 हजार स्क्वायर फीट क्षेत्र में फैला था। भीड़ में महिलाओं और बच्चों की संख्या अधिक थी, जिससे सुरक्षा और भी चुनौतीपूर्ण हो गई। एक्टर विजय के 6 घंटे देर से पहुंचने के कारण लोग और अधिक बेसब्र हो गए थे, जो हादसे का एक कारण भी माना जा रहा है।करूर में एक्टर विजय की रैली के दौरान हुए इस भयावह हादसे ने तमिलनाडु को गहरे सदमे में डाल दिया है। 9 साल की बच्ची की गुमशुदगी की खबर ने भगदड़ को जन्म दिया, जो तबाही का रूप ले गई। इस हादसे से सीख लेते हुए भविष्य में ऐसी त्रासदी से बचने के लिए कड़े सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के उपाय जरूरी हैं।
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