Ambikapur News : छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ महासंघ ने बिजली कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए आगामी आंदोलन की रूपरेखा तय कर दी है। कर्मचारियों का कहना है कि वर्षों से पुरानी पेंशन बहाली और संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण जैसी महत्वपूर्ण मांगों पर केवल झूठे आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।

रविवार को कल्याण भवन तिफरा, बिलासपुर में आयोजित महासंघ की कार्यसमिति की विशेष बैठक में प्रांतीय अध्यक्ष संजय तिवारी की अध्यक्षता में आंदोलन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि तीसरे चरण के तहत 1 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश के बिजली कर्मचारी अपने-अपने कार्यक्षेत्र में काली पट्टी लगाकर काम करेंगे, जिससे प्रबंधन को स्पष्ट संदेश दिया जा सके कि कर्मचारी अब किसी भी प्रकार की वादाखिलाफी बर्दाश्त नहीं करेंगे।

बैठक में महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि आंदोलन को लेकर प्रदेशभर के कर्मचारियों में जबरदस्त आक्रोश है और भारी समर्थन मिल रहा है। इसके पहले ज्ञापन और प्रचार-प्रसार के माध्यम से प्रबंधन का ध्यान आकृष्ट कराने की कोशिश की गई थी।
बैठक में उपस्थित कर्मचारियों को अखिल भारतीय मंत्री एवं उद्योग प्रभारी भारतीय मजदूर संघ, राधेश्याम जायसवाल ने मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम का संचालन प्रांतीय महामंत्री नवरतन बरेठ ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन तेज प्रताप सिन्हा ने व्यक्त किया।
क्षेत्रीय सचिव अभिषेक कुमार बोहिदार ने बताया कि यदि प्रबंधन जल्द ही कर्मचारी हितों से जुड़ी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेता है तो 9 अक्टूबर से प्रस्तावित आंदोलन और अधिक उग्र रूप लेगा।











