India Pakistan Final Match: एशिया कप 2025 के फाइनल में आज (28 सितंबर) भारत और पाकिस्तान आमने-सामने हैं, लेकिन इस मुकाबले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने इस मैच को लेकर एक विवादित बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा कि चाहे बॉर्डर पर खून की नदियां बहें, फिर भी हम पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलेंगे और पैसा कमाएंगे। उनका यह बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक मंचों पर खूब चर्चा का विषय बना हुआ है।

ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए जताई नाराजगी
संजय राउत ने फाइनल मैच से पहले एक बातचीत में कहा, “जिस तरह 26 महिलाओं का सिंदूर मिटाया गया, उसके खिलाफ हमने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया। बावजूद इसके, अगर हम पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलते हैं, तो राष्ट्रवाद कहां रह गया? कहां गया बीजेपी का हिंदुत्व और उनकी राष्ट्रभक्ति? ये सब सिर्फ दिखावा है।” राउत ने पुलवामा, उरी और पहलगाम में हुए आतंकवादी हमलों का भी जिक्र करते हुए कहा कि इन घटनाओं ने भारत-पाक रिश्तों में कड़वाहट पैदा कर दी है।

राजनीति, खेल और धर्म को बताया अलग-अलग मुद्दा
राउत ने साफ किया कि खेल, राजनीति और धर्म को अलग-अलग समझना चाहिए। उन्होंने कहा, “यह कोई बड़ा मैच नहीं है। भारत और पाकिस्तान का मैच खेलना ऐसे माहौल में घटिया बात है। लेकिन फिर भी, ये दोनों देश क्रिकेट खेलेंगे क्योंकि इसके पीछे पैसे का बड़ा खेल है।” उन्होंने बीसीसीआई और पीसीबीआई पर भी निशाना साधा और कहा कि दोनों बोर्डों की मिलीभगत से यह खेल चलता है।
पैसे के पीछे दबाव और देश की भावनाओं का सम्मान
संजय राउत ने कहा कि बीसीसीआई और पीसीबीआई को इस मैच से भारी पैसा मिलता है, जो क्रिकेट के पीछे बड़ा कारण है। “चाहे बॉर्डर पर खून की नदियां बहें, हम पैसा कमाएंगे। लेकिन इस बार देश की भावना बहुत मजबूत है। लोग इस मैच को टीवी पर भी देखना नहीं चाहते। बड़े स्क्रीन या रेस्टोरेंट में दिखाने पर भी नारेबाजी होगी।”
पीवीआर में मैच न दिखाने को लेकर दिया बड़ा बयान
राउत ने इस विवाद को लेकर खासतौर पर पीवीआर सिनेमा हॉल पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “पीवीआर में जो ‘P’ है, क्या वह पाकिस्तान का है? हमने उनके मैनेजमेंट से कहा कि ये मैच न दिखाएं, नहीं तो गड़बड़ हो जाएगी। मुझे खबर मिली है कि पीवीआर इस मैच को नहीं दिखाएगा।” यह बयान भी खूब चर्चा में है और देशभर में इस मैच को लेकर भावनाएं काफी मिश्रित हैं।
संजय राउत का यह बयान भारत-पाक क्रिकेट मैच को लेकर बढ़ते विवाद और राजनीतिक मतभेदों को उजागर करता है। एक तरफ जहां खेल को एक मचान माना जाता है जो लोगों को जोड़ता है, वहीं दूसरी तरफ राजनीतिक और सामाजिक कड़वाहट इस मैच के माहौल को तनावपूर्ण बना रही है। इस बीच यह देखना होगा कि मैच के दौरान और बाद में क्या स्थिति बनती है और देश की जनता इस विवाद के बीच अपने नजरिए को कैसे व्यक्त करती है।











