Durga Puja 2025: भारत-अमेरिका के रिश्ते हाल ही में तनावपूर्ण हो गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने अक्टूबर से भारतीय दवा उद्योग पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है। इसके अलावा, अन्य कई उत्पादों पर 50 प्रतिशत शुल्क भी लगाया गया है। साथ ही, अमेरिका जाने वाले भारतीयों के लिए वीजा शुल्क में भारी वृद्धि का निर्णय लिया गया है, जो दोनों देशों के बीच व्यापारिक और सामाजिक रिश्तों को प्रभावित कर रहा है। इस विवाद ने बंगाल के सबसे बड़े त्योहार दुर्गा पूजा को भी छुआ है। इस बार बैरामपुर के खगरा क्रेमेटोरियम घाट स्थित दुर्गा पूजा पंडाल में ट्रंप को ‘राक्षस’ के रूप में दिखाया गया है।

ट्रंप बने ‘राक्षस’ का रूप
इस साल बैरामपुर की खगरा क्रेमेटोरियम घाट दुर्गा पूजा समिति ने अपनी 59वीं दुर्गा पूजा का आयोजन किया। पूजा की थीम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दुर्गा माँ के वाहन सिंह के पीछे एक ‘राक्षस’ के रूप में दर्शाया गया है। इस राक्षस के चेहरे की बनावट ट्रंप की नकल करती है, जिसके सुनहरे बाल और गोरा रंग साफ नजर आता है। हाथ में तलवार लिए हुए यह मूर्ति एक सशक्त संदेश दे रही है। स्थानीय कुम्हार असीम पाल द्वारा बनाई गई इस मूर्ति ने आम लोगों का ध्यान खींचा है और लोग इस अनोखी थीम को देखने के लिए पंडाल में बड़ी संख्या में आ रहे हैं।


भारतीय अर्थव्यवस्था पर बढ़ते टैरिफ का विरोध
पूजा समिति के सदस्यों और स्थानीय उद्यमियों का मानना है कि भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से सुधार की ओर बढ़ रही है। विश्व में भारत की आर्थिक रैंकिंग चौथे स्थान पर पहुंच रही है। लेकिन अमेरिकी सरकार द्वारा दवाओं और अन्य वस्तुओं पर लगाए गए भारी टैरिफ इस प्रगति को रोकने का प्रयास हैं। इस वजह से ट्रंप को इस बार दुर्गा पूजा में राक्षस के रूप में पेश किया गया है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है।
आम लोगों में बढ़ी जिज्ञासा और उत्सुकता
ट्रंप के राक्षस स्वरूप ने जनता में गहरी छाप छोड़ी है। लोग इस पंडाल में ट्रंप की मूर्ति के साथ सेल्फी लेने के लिए भीड़ जुटा रहे हैं। इस थीम की चर्चा आम जनता के बीच तेजी से फैल रही है। पूजा आयोजकों के अनुसार, इस विषय पर लोगों की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली हैं लेकिन अधिकांश लोग इस राजनीतिक संदेश को समझते हुए इसे समर्थन दे रहे हैं।
बैरामपुर की इस दुर्गा पूजा ने राजनीतिक और आर्थिक तनाव को सांस्कृतिक मंच पर उकेरते हुए एक नया आयाम जोड़ा है। ट्रंप के खिलाफ यह प्रतीकात्मक प्रदर्शन न केवल भारत-अमेरिका संबंधों की जटिलताओं को दर्शाता है बल्कि भारतीय जनता में बढ़ती जागरूकता और असंतोष को भी उजागर करता है। ऐसे समय में जब भारत आर्थिक प्रगति की राह पर है, ऐसे नीतिगत फैसले और उनकी आलोचना आम जनता के मन में मजबूत राष्ट्रवाद और आर्थिक सुरक्षा की मांग को जन्म देते हैं।











