Asia Cup Trophy Controversy: एशिया कप 2025 में भारत ने पाकिस्तान को हराकर चैंपियन का खिताब तो अपने नाम कर लिया, लेकिन जीत के जश्न के बीच एक बड़ी विवादित स्थिति खड़ी हो गई है। भारतीय टीम को अब तक एशिया कप की विजेता ट्रॉफी नहीं सौंपी गई है, और इस विवाद का केंद्र हैं एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी, जो न सिर्फ ACC चीफ हैं बल्कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन और पाकिस्तान के इंटीरियर मिनिस्टर भी हैं।

टीम इंडिया ने ट्रॉफी लेने से किया इनकार
भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण राजनीतिक संबंधों के चलते, टीम इंडिया ने मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से साफ इनकार कर दिया। BCCI का तर्क है कि किसी पाकिस्तानी मंत्री से ट्रॉफी लेना न सिर्फ राजनयिक रूप से अनुचित है बल्कि खिलाड़ियों की भावनाओं के खिलाफ भी है।BCCI ने सुझाव दिया था कि ट्रॉफी को किसी तटस्थ अधिकारी, जैसे अमीरात क्रिकेट बोर्ड के वाइस प्रेसिडेंट के हाथों दिया जाए। लेकिन इसके उलट, मोहसिन नकवी ट्रॉफी को लेकर सीधे अपने होटल लौट गए। ना तो ट्रॉफी भारतीय टीम को सौंपी गई, और ना ही कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण दिया गया।

BCCI का अल्टीमेटम: अक्टूबर तक लौटाएं ट्रॉफी
BCCI के सचिव देवजीत साइकिया ने इस मुद्दे पर नाराजगी जताते हुए कहा कि मोहसिन नकवी को ट्रॉफी जल्द से जल्द टीम इंडिया को सौंपनी होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अक्टूबर तक ट्रॉफी नहीं सौंपी गई, तो BCCI इस मुद्दे को ICC की नवंबर में दुबई में होने वाली वार्षिक बैठक में उठाएगा। वहां भारत इस पर औपचारिक शिकायत दर्ज करा सकता है।
भारत ने जीता था फाइनल मुकाबला
मैच की बात करें तो भारत ने पाकिस्तान को 5 विकेट से हराया। पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 146 रन बनाए। जवाब में भारतीय टीम ने 19.5 ओवर में 147 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। सूर्या कुमार यादव की कप्तानी में यह एक यादगार जीत थी, लेकिन ट्रॉफी ना मिलना इस ऐतिहासिक क्षण पर एक दाग की तरह उभर कर सामने आया।
क्या है आगे का रास्ता?
अब सभी की निगाहें ACC और मोहसिन नकवी पर हैं। क्या वह ट्रॉफी टीम इंडिया को सौंपेंगे या यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक रंग ले लेगा? BCCI की ओर से अंतिम चेतावनी मिल चुकी है, अब गेंद नकवी के पाले में है।एशिया कप जीतने के बाद ट्रॉफी ना मिलना सिर्फ एक खेल का नहीं, बल्कि सम्मान और गरिमा का मामला बन चुका है। अब देखना यह है कि ACC और PCB इस विवाद को कैसे सुलझाते हैं और क्या टीम इंडिया को उसकी हक की ट्रॉफी वापस मिलती है या नहीं।











