एशिया कप 2025 के फाइनल में भारत के हाथों पाकिस्तान को मिली करारी हार के बाद क्रिकेट के गलियारों में हलचल मच गई है। जहां भारत ने अपने 9वें एशिया कप खिताब पर कब्जा जमाया, वहीं पाकिस्तान की हार के बाद पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर का गुस्सा सातवें आसमान पर नजर आया। उन्होंने टीम के मैनेजमेंट और कोचिंग स्टाफ को आड़े हाथों लेते हुए हार के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया।
फाइनल में पाकिस्तान की हार की कहानी
रविवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 146 रन बनाए। ओपनर साहिबजादा फरहान (57) और फखर जमां (46) ने बेहतरीन शुरुआत दी, लेकिन मिडिल ऑर्डर पूरी तरह फ्लॉप साबित हुआ। नतीजा ये रहा कि मजबूत शुरुआत के बावजूद पाकिस्तान की पूरी टीम महज 146 रन पर सिमट गई।
भारत की शुरुआत भी खराब रही और टीम ने सिर्फ 20 रन के भीतर 3 विकेट गंवा दिए। लेकिन युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा (69 रन) ने दबाव में शानदार पारी खेली और संजू सैमसन (24 रन) तथा शिवम दुबे (33 रन नाबाद) ने उनका बखूबी साथ निभाया। भारत ने 5 विकेट रहते हुए लक्ष्य हासिल कर लिया और खिताब जीत लिया।
शोएब अख्तर ने टीम मैनेजमेंट को ठहराया दोषी
मैच के बाद शोएब अख्तर बेहद मायूस नजर आए। आमतौर पर बेबाकी से बोलने वाले अख्तर की आवाज लड़खड़ा रही थी। उन्होंने कहा:”ये हार पाकिस्तान टीम की नहीं, सेंसलेस कोचिंग और कमजोर मैनेजमेंट की है। हमारी मिडिल ऑर्डर की दिक्कत कोई नई बात नहीं है, लेकिन कोचिंग स्टाफ ने कभी इसे ठीक करने की कोशिश नहीं की। ये हार हमारी नीतियों की नाकामी है।”उन्होंने आगे कहा कि मैच विनर प्लेयर जैसे सलमान मिर्जा और हसन नवाज जैसे नामों को नजरअंदाज किया गया, जबकि जरूरत थी कि उन्हें टीम में फिट किया जाता।
“सुपर संडे, लेकिन सुपर परफॉर्मेंस नहीं” – अख्तर
शोएब अख्तर ने अपनी बात को बार-बार दोहराया और कहा कि पूरा देश इस मुकाबले को देख रहा था। उन्होंने कहा:”यह सुपर संडे था और पूरा पाकिस्तान इस मुकाबले को देख रहा था। यह एक मौका था अपनी ताकत दिखाने का, लेकिन हम अपनी कमजोरियों में ही उलझ कर रह गए।”उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पाकिस्तान की मिडिल ऑर्डर लंबे समय से परेशानी का कारण रही है और अब वक्त आ गया है कि बड़े फैसले लिए जाएं।
क्या बदलाव की जरूरत है?
शोएब अख्तर की इस प्रतिक्रिया से साफ है कि पाकिस्तान क्रिकेट टीम में बदलाव की जरूरत महसूस की जा रही है। मिडिल ऑर्डर की नाकामी, चयन में पारदर्शिता की कमी और सेंसलेस कोचिंग जैसे गंभीर आरोप टीम मैनेजमेंट पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
भारत के हाथों मिली हार ने पाकिस्तान क्रिकेट में एक बार फिर सुधार की मांग को हवा दे दी है। शोएब अख्तर जैसे पूर्व दिग्गजों की नाराजगी साफ दिखाती है कि केवल खिलाड़ियों की नहीं, बल्कि मैनेजमेंट और कोचिंग सिस्टम की भी जवाबदेही जरूरी है। एशिया कप 2025 भले ही खत्म हो गया हो, लेकिन पाकिस्तान क्रिकेट के लिए यह एक नई शुरुआत का संकेत हो सकता है — अगर समय रहते सही कदम उठाए जाएं।
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Asia Cup Final : भारत से हार के बाद शोएब अख्तर का फूटा गुस्सा, बोले – “ये टीम की नहीं, सेंसलेस कोचिंग की हार है”
एशिया कप 2025 के फाइनल में भारत के हाथों पाकिस्तान को मिली करारी हार के बाद क्रिकेट के गलियारों में हलचल मच गई है। जहां भारत ने अपने 9वें एशिया कप खिताब पर कब्जा जमाया, वहीं पाकिस्तान की हार के बाद पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर का गुस्सा सातवें आसमान पर नजर आया। उन्होंने टीम के मैनेजमेंट और कोचिंग स्टाफ को आड़े हाथों लेते हुए हार के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया। फाइनल में पाकिस्तान की हार की कहानी रविवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 146 रन बनाए। ओपनर साहिबजादा फरहान (57) और फखर जमां (46) ने बेहतरीन शुरुआत दी, लेकिन मिडिल ऑर्डर पूरी तरह फ्लॉप साबित हुआ। नतीजा ये रहा कि मजबूत शुरुआत के बावजूद पाकिस्तान की पूरी टीम महज 146 रन पर सिमट गई। भारत की शुरुआत भी खराब रही और टीम ने सिर्फ 20 रन के भीतर 3 विकेट गंवा दिए। लेकिन युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा (69 रन) ने दबाव में शानदार पारी खेली और संजू सैमसन (24 रन) तथा शिवम दुबे (33 रन नाबाद) ने उनका बखूबी साथ निभाया। भारत ने 5 विकेट रहते हुए लक्ष्य हासिल कर लिया और खिताब जीत लिया। शोएब अख्तर ने टीम मैनेजमेंट को ठहराया दोषी मैच के बाद शोएब अख्तर बेहद मायूस नजर आए। आमतौर पर बेबाकी से बोलने वाले अख्तर की आवाज लड़खड़ा रही थी। उन्होंने कहा:”ये हार पाकिस्तान टीम की नहीं, सेंसलेस कोचिंग और कमजोर मैनेजमेंट की है। हमारी मिडिल ऑर्डर की दिक्कत कोई नई बात नहीं है, लेकिन कोचिंग स्टाफ ने कभी इसे ठीक करने की कोशिश नहीं की। ये हार हमारी नीतियों की नाकामी है।”उन्होंने आगे कहा कि मैच विनर प्लेयर जैसे सलमान मिर्जा और हसन नवाज जैसे नामों को नजरअंदाज किया गया, जबकि जरूरत थी कि उन्हें टीम में फिट किया जाता। “सुपर संडे, लेकिन सुपर परफॉर्मेंस नहीं” – अख्तर शोएब अख्तर ने अपनी बात को बार-बार दोहराया और कहा कि पूरा देश इस मुकाबले को देख रहा था। उन्होंने कहा:”यह सुपर संडे था और पूरा पाकिस्तान इस मुकाबले को देख रहा था। यह एक मौका था अपनी ताकत दिखाने का, लेकिन हम अपनी कमजोरियों में ही उलझ कर रह गए।”उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पाकिस्तान की मिडिल ऑर्डर लंबे समय से परेशानी का कारण रही है और अब वक्त आ गया है कि बड़े फैसले लिए जाएं। क्या बदलाव की जरूरत है? शोएब अख्तर की इस प्रतिक्रिया से साफ है कि पाकिस्तान क्रिकेट टीम में बदलाव की जरूरत महसूस की जा रही है। मिडिल ऑर्डर की नाकामी, चयन में पारदर्शिता की कमी और सेंसलेस कोचिंग जैसे गंभीर आरोप टीम मैनेजमेंट पर सवाल खड़े कर रहे हैं। भारत के हाथों मिली हार ने पाकिस्तान क्रिकेट में एक बार फिर सुधार की मांग को हवा दे दी है। शोएब अख्तर जैसे पूर्व दिग्गजों की नाराजगी साफ दिखाती है कि केवल खिलाड़ियों की नहीं, बल्कि मैनेजमेंट और कोचिंग सिस्टम की भी जवाबदेही जरूरी है। एशिया कप 2025 भले ही खत्म हो गया हो, लेकिन पाकिस्तान क्रिकेट के लिए यह एक नई शुरुआत का संकेत हो सकता है — अगर समय रहते सही कदम उठाए जाएं। Read More : Stock Market Today: हफ्ते के पहले दिन बाजार में जोरदार तेजी, सेंसेक्स 330 अंक चढ़ा, निफ्टी 24,750 के पार
एशिया कप 2025 के फाइनल में भारत के हाथों पाकिस्तान को मिली करारी हार के बाद क्रिकेट के गलियारों में हलचल मच गई है। जहां भारत ने अपने 9वें एशिया कप खिताब पर कब्जा जमाया, वहीं पाकिस्तान की हार के बाद पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर का गुस्सा सातवें आसमान पर नजर आया। उन्होंने टीम के मैनेजमेंट और कोचिंग स्टाफ को आड़े हाथों लेते हुए हार के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया।
फाइनल में पाकिस्तान की हार की कहानी
रविवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 146 रन बनाए। ओपनर साहिबजादा फरहान (57) और फखर जमां (46) ने बेहतरीन शुरुआत दी, लेकिन मिडिल ऑर्डर पूरी तरह फ्लॉप साबित हुआ। नतीजा ये रहा कि मजबूत शुरुआत के बावजूद पाकिस्तान की पूरी टीम महज 146 रन पर सिमट गई।
भारत की शुरुआत भी खराब रही और टीम ने सिर्फ 20 रन के भीतर 3 विकेट गंवा दिए। लेकिन युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा (69 रन) ने दबाव में शानदार पारी खेली और संजू सैमसन (24 रन) तथा शिवम दुबे (33 रन नाबाद) ने उनका बखूबी साथ निभाया। भारत ने 5 विकेट रहते हुए लक्ष्य हासिल कर लिया और खिताब जीत लिया।
शोएब अख्तर ने टीम मैनेजमेंट को ठहराया दोषी
मैच के बाद शोएब अख्तर बेहद मायूस नजर आए। आमतौर पर बेबाकी से बोलने वाले अख्तर की आवाज लड़खड़ा रही थी। उन्होंने कहा:”ये हार पाकिस्तान टीम की नहीं, सेंसलेस कोचिंग और कमजोर मैनेजमेंट की है। हमारी मिडिल ऑर्डर की दिक्कत कोई नई बात नहीं है, लेकिन कोचिंग स्टाफ ने कभी इसे ठीक करने की कोशिश नहीं की। ये हार हमारी नीतियों की नाकामी है।”उन्होंने आगे कहा कि मैच विनर प्लेयर जैसे सलमान मिर्जा और हसन नवाज जैसे नामों को नजरअंदाज किया गया, जबकि जरूरत थी कि उन्हें टीम में फिट किया जाता।
“सुपर संडे, लेकिन सुपर परफॉर्मेंस नहीं” – अख्तर
शोएब अख्तर ने अपनी बात को बार-बार दोहराया और कहा कि पूरा देश इस मुकाबले को देख रहा था। उन्होंने कहा:”यह सुपर संडे था और पूरा पाकिस्तान इस मुकाबले को देख रहा था। यह एक मौका था अपनी ताकत दिखाने का, लेकिन हम अपनी कमजोरियों में ही उलझ कर रह गए।”उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पाकिस्तान की मिडिल ऑर्डर लंबे समय से परेशानी का कारण रही है और अब वक्त आ गया है कि बड़े फैसले लिए जाएं।
क्या बदलाव की जरूरत है?
शोएब अख्तर की इस प्रतिक्रिया से साफ है कि पाकिस्तान क्रिकेट टीम में बदलाव की जरूरत महसूस की जा रही है। मिडिल ऑर्डर की नाकामी, चयन में पारदर्शिता की कमी और सेंसलेस कोचिंग जैसे गंभीर आरोप टीम मैनेजमेंट पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
भारत के हाथों मिली हार ने पाकिस्तान क्रिकेट में एक बार फिर सुधार की मांग को हवा दे दी है। शोएब अख्तर जैसे पूर्व दिग्गजों की नाराजगी साफ दिखाती है कि केवल खिलाड़ियों की नहीं, बल्कि मैनेजमेंट और कोचिंग सिस्टम की भी जवाबदेही जरूरी है। एशिया कप 2025 भले ही खत्म हो गया हो, लेकिन पाकिस्तान क्रिकेट के लिए यह एक नई शुरुआत का संकेत हो सकता है — अगर समय रहते सही कदम उठाए जाएं।
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