CEC Gyanesh Kumar Row: चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्षी दलों ने मंगलवार को दिल्ली में बड़ा मार्च निकालने की तैयारी की है। इंडिया गठबंधन के सांसद संसद भवन से चुनाव आयोग के मुख्यालय तक मार्च करेंगे। विपक्ष का कहना है कि इस प्रदर्शन के जरिए मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताओं को सीधे चुनाव आयोग के सामने रखा जाएगा। मार्च को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है।
मकर द्वार पर सुबह 10:30 बजे जुटेंगे सांसद
इंडिया गठबंधन के सांसद मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे संसद भवन के मकर द्वार पर एकत्र होंगे। इसके बाद सुबह करीब 11 बजे सभी सांसद संसद भवन परिसर से चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च शुरू करेंगे। इस दौरान विपक्ष के कई बड़े नेता भी मौजूद रह सकते हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई सांसदों के शामिल होने की तैयारी है।
SIR रद्द करने समेत तीन प्रमुख मांगें
विपक्षी दल इस आंदोलन के जरिए चुनाव आयोग के सामने अपनी कई प्रमुख मांगें रखने वाले हैं। इनमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को पूरी तरह रद्द करने और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी EVM की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग शामिल है। विपक्ष लगातार आरोप लगाता रहा है कि SIR प्रक्रिया को लेकर मतदाताओं के अधिकार और चुनावी पारदर्शिता से जुड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।
30 सितंबर की बैठक में तय हुआ था मार्च
इंडिया गठबंधन के नेताओं की 30 सितंबर को हुई बैठक में 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च निकालने का निर्णय लिया गया था। विपक्षी सांसदों का कहना है कि यह प्रदर्शन किसी एक दल तक सीमित नहीं है, बल्कि मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी चिंताओं को लेकर सामूहिक विरोध है। गठबंधन के नेताओं ने इस मार्च के जरिए चुनाव आयोग से अपने सवालों पर स्पष्ट जवाब और कार्रवाई की मांग करने की रणनीति बनाई है।
चुनाव आयोग ने आरोपों को किया खारिज
SIR को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच लगातार टकराव देखने को मिल रहा है। विपक्षी दलों ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण में कथित अनियमितताओं और प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने विपक्ष की ओर से लगाए गए SIR संबंधी अनियमितताओं के आरोपों को खारिज किया है। ऐसे में मंगलवार का मार्च दोनों पक्षों के बीच चल रहे विवाद के बीच महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है।
AAP और TVK मार्च से रहेगी दूर
हालांकि, इंडिया गठबंधन के सभी दल इस मार्च में शामिल नहीं होंगे। आम आदमी पार्टी यानी AAP ने सोमवार को स्पष्ट कर दिया कि वह 6 अक्टूबर को होने वाले मार्च का हिस्सा नहीं बनेगी। पार्टी इस मुद्दे को अपने स्तर पर उठाकर आंदोलन कर रही है। इसके अलावा तमिलगा वेत्री कझगम यानी TVK भी मार्च में शामिल नहीं होगी। AAP और DMK ने 30 सितंबर की इंडिया गठबंधन बैठक में भी हिस्सा नहीं लिया था।
कांग्रेस, सपा और TMC समेत कई दल होंगे साथ
AAP और TVK की गैरमौजूदगी के बावजूद विपक्ष के कई प्रमुख दलों के सांसद मार्च में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, आरजेडी, वाम दलों और अन्य विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों के मार्च में शामिल होने की संभावना है। विपक्षी एकजुटता दिखाने के लिहाज से यह मार्च महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जंतर-मंतर और ECI कार्यालय के बाहर कड़ी सुरक्षा
विपक्षी मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और चुनाव आयोग के मुख्यालय के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है। बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है और कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की गई है। पुलिस की कोशिश है कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। मंगलवार को होने वाले इस मार्च पर राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर नजर रहेगी।
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