CJP 10 October Protest : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 10 अक्टूबर को दिल्ली में युवा आंदोलन करने का ऐलान किया है। पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि आंदोलन का आह्वान भले ही CJP की ओर से किया गया है, लेकिन इसका मुद्दा देश के युवाओं और Gen Z से जुड़ा है। उनके मुताबिक, युवा अपने मतदान के अधिकार और बेहतर व्यवस्था की मांग को लेकर राजधानी की सड़कों पर अपनी आवाज उठाएंगे।
युवाओं के वोटिंग अधिकार का मुद्दा
सौरव दास ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने की प्रक्रिया का असर युवाओं के मतदान के अधिकार पर पड़ सकता है। CJP इसी मुद्दे को लेकर चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रही है। पार्टी का कहना है कि मतदान का अधिकार लोकतांत्रिक व्यवस्था में युवाओं की भागीदारी का महत्वपूर्ण माध्यम है।
बेरोजगारी से चुनावी अधिकार को जोड़ा
CJP प्रवक्ता ने मतदान के अधिकार के मुद्दे को युवाओं की बेरोजगारी से भी जोड़कर अपनी बात रखी। दास के अनुसार, यदि युवा अपने वोट के जरिए व्यवस्था में बदलाव की मांग नहीं कर पाएंगे तो रोजगार जैसी समस्याओं को लेकर अपनी आवाज प्रभावी ढंग से कैसे उठा पाएंगे। पार्टी का तर्क है कि युवाओं के राजनीतिक अधिकार और उनके भविष्य से जुड़े सामाजिक-आर्थिक मुद्दों पर एक साथ चर्चा जरूरी है।
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
CJP मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी लगातार उठा रही है। पार्टी का कहना है कि जब तक ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक उसका आंदोलन जारी रहेगा। CJP ने इस मांग को अपने मौजूदा अभियान का प्रमुख मुद्दा बनाया है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए।
गिरफ्तारी के बावजूद आंदोलन जारी रखने का दावा
सौरव दास ने यह भी कहा है कि यदि आंदोलन से जुड़े लोगों को हिरासत में लिया जाता है या गिरफ्तार किया जाता है, तब भी प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने युवाओं से अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाते रहने की अपील की। दास के अनुसार, आंदोलन को केवल पार्टी से जुड़े लोगों तक सीमित नहीं माना जाना चाहिए, बल्कि यह युवाओं से जुड़े व्यापक मुद्दों को सामने रखने का प्रयास है।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तैयारी
CJP के मुताबिक, 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन का केंद्र जंतर-मंतर रहेगा। पार्टी नेता अभिजीत दीपके ने भी पहले कहा था कि यदि CEC ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो दिल्ली में बड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही पार्टी ने आंदोलन को आगे बढ़ाने की रणनीति का संकेत दिया है। प्रदर्शन का मुख्य फोकस चुनावी अधिकार और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर रहने की बात कही गई है।
मुंबई के बाद दिल्ली में आंदोलन
इससे पहले 2 अक्टूबर को CJP ने मुंबई के शिवाजी पार्क में भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। मुंबई में हुए कार्यक्रम के बाद पार्टी ने दिल्ली में 10 अक्टूबर को अगले बड़े आंदोलन की घोषणा की। CJP का कहना है कि उसका अभियान अब एक शहर तक सीमित नहीं है और वह चुनावी अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर युवाओं को जोड़ने का प्रयास कर रही है।
मतदाता सूची पर बहस के बीच प्रदर्शन
CJP का मौजूदा अभियान मतदाता सूची, मतदान के अधिकार और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता जैसे विषयों पर केंद्रित है। पार्टी इन मुद्दों को युवाओं की लोकतांत्रिक भागीदारी और उनके भविष्य से जोड़कर उठा रही है। वहीं, मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर चुनाव आयोग की अपनी निर्धारित प्रक्रिया और प्रशासनिक व्यवस्था है। ऐसे में 10 अक्टूबर का प्रस्तावित प्रदर्शन चुनावी अधिकारों से जुड़े आरोपों, मांगों और आधिकारिक पक्षों के बीच चल रही बहस में एक नया घटनाक्रम हो सकता है।
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