Trump Netanyahu Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने व्हाइट हाउस में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में गाज़ा युद्ध समाप्ति के लिए एक व्यापक शांति‑प्रस्ताव का ऐलान किया। दोनों नेताओं ने कहा कि इज़राइल इस प्रस्ताव पर सहमत है और अब निर्णय हमास के हाथ में है — अगर हमास इसे स्वीकार करता है तो 72 घंटे के भीतर सभी शेष बंधकों की रिहाई संभव होगी, अस्वीकार करने पर इज़राइल पर आक्रमण जारी रहेगा और अमेरिका उसका समर्थन देगा। प्रस्ताव के प्रमुख बिन्दु सभी बचे हुए बंधकों की रिहाई: प्रस्ताव में कहा गया है कि यदि हमास सहमति देता है तो चरणबद्ध वापसी के तहत 72 घंटे में बंधकों की रिहाई सुनिश्चित की जाएगी (अन्य घोषणा में 48 घंटे की समयसीमा का भी उल्लेख)। स्थायी युद्धविराम और इजरायली सेना का धीरे‑धीरे गाज़ा से हटना। गाज़ा का विसैन्यीकरण: हमास की सैन्य क्षमताओं को नष्ट करना, सुरंगों और भारी हथियारों को ध्वस्त करना। नई नागरिक प्रशासन तथा पीस बोर्ड: ट्रम्प ने पीस बोर्ड बनाने की बात कही, जिसकी अध्यक्षता वह स्वयं करेंगे; बोर्ड में फिलिस्तीनी अथॉरिटी, अरब और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि शामिल होंगे। कैदियों और बंदियों का आदान‑प्रदान: प्रस्ताव में 250 आजीवन कैद तथा लगभग 2,000 अन्य बंदियों की रिहाई का उल्लेख है। गाज़ा में गैर‑राजनीतिक (टेक्नोक्रेटिक) शासन और नई सुरक्षा फ़ोर्स जिसमें क्षेत्रीय देशों के सैनिक हो सकते हैं। हमास के कुछ सदस्यों को हिंसा छोड़ने पर माफी और गाज़ा में रहने की अनुमति; हिंसा जारी रखने वालों को सुरक्षित निकासी का प्रावधान। नेतन्याहू की कतर पीएम से माफी बैठक के दौरान नेतन्याहू ने क़तर के प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान से फोन पर माफी मांगी—नेटanyahu ने 9 सितम्बर को क़तर में हमास नेताओं पर हवाई हमलों का ज़िक्र भी किया। ट्रम्प‑नेटन्याहू का कहना है कि अमेरिका हमास के राजनीतिक शासन को कमजोर करेगा और गाज़ा को भविष्य में किसी भी प्रकार के खतरे से मुक्त रखा जाएगा। संदर्भ और मानव‑तस्करी का मानवीय पहलू प्रस्ताव के ऐलान से पहले 7 अक्टूबर, 2023 से जारी संघर्ष में रिपोर्टों के अनुसार हजारों फ़िलिस्तीनियों की हताहतियों की सूचनाएँ आईं; बयान में बंधकों की संख्या 48 बताई गई है, जिनमें से लगभग 20 अभी जीवित माने जा रहे हैं। (उक्त आँकड़े स्थानीय घोषणाओं पर आधारित हैं।) ट्रम्प‑नेटन्याहू का यह शांति‑प्रस्ताव गाज़ा युद्ध के तत्काल समाधान और क्षेत्रीय पुनर्निर्माण का रोडमैप देता दिखता है, पर असली निर्णायक मोड़ हमास की स्वीकृति होगी। यदि हमास प्रस्ताव अस्वीकार करता है तो इज़राइल को पूर्ण अधिकार और अमेरिका का समर्थन बताए गए हैं — जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका बनी है। Read More : Bengali Durga Puja tradition: दुर्गा पूजा में मांस-मछली: बंगाली परंपरा का अनोखा स्वरूप
















