Bareilly Violence: उत्तर प्रदेश के बरेली में 26 सितंबर को जुमे की नमाज के बाद हुए उपद्रव मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले में अब तक 55 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें इत्तेहाद ए मिल्लत (IMC) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा समेत उनके करीबी भी शामिल हैं। पुलिस ने मौलाना के नजदीकी माने जाने वाले डॉ नफीस, नदीम खां के साथ-साथ कई अन्य आरोपियों को भी हिरासत में लिया है।

उपद्रव के बाद पुलिस ने कसी पकड़
26 सितंबर को बरेली में जुमे की नमाज के बाद उपद्रव भड़क गया था। उपद्रवकारियों ने पुलिस पर पथराव किया और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इस मामले में मौलाना तौकीर रजा को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। साथ ही पुलिस ने अब तक कुल 55 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

नदीम खां, जो मौलाना तौकीर रजा के करीबी और IMC के पूर्व जिलाध्यक्ष हैं, ने पुलिस को बताया कि मौलाना राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं से प्रभावित थे और मुसलमानों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए भीड़ जुटाना चाहते थे। नदीम के अनुसार, मौलाना ने इस्लामिया ग्राउंड में प्रदर्शन आयोजित करने की योजना बनाई थी ताकि आने वाले विधानसभा चुनाव में अपनी राजनीतिक ताकत दिखा सकें।
बुलडोजर कार्रवाई: अवैध संपत्तियों पर रेड
उपद्रव के बाद प्रशासन ने अवैध निर्माणों और संपत्तियों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू कर दी है। मंगलवार को बरेली विकास प्राधिकरण और नगर निगम की संयुक्त टीम ने मौलाना के करीबी सपा पार्षद उमान रजा के बानखाना स्थित अवैध चार्जिंग स्टेशन पर बुलडोजर चलाया। इसके साथ ही मौलाना से जुड़े शराफत का बरातघर भी प्रशासन ने सील कर दिया।
पुलिस ने मौलाना तौकीर रजा के रिश्तेदार मोहसिन रजा खान और उसके भाई को भी हिरासत में लिया है। मोहसिन के घर पर कार्रवाई के दौरान अफसरों के साथ उनकी नोकझोंक भी हुई। मोहसिन ने इन आरोपों को भाजपा आंवला के जिलाध्यक्ष द्वारा चलाए जा रहे राजनीतिक षड्यंत्र बताया और कहा कि तौकीर रजा से उनका कोई वास्ता नहीं है।
बरेली उपद्रव मामले में पुलिस और प्रशासन का सख्त रुख साफ तौर पर नजर आ रहा है। 55 से अधिक गिरफ्तारियां और बुलडोजर कार्रवाई यह संकेत देती है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधिकारियों ने कड़ा कदम उठाया है।
मौजूदा हालात में पुलिस की सक्रियता से यह उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही स्थिति सामान्य होगी और उपद्रव के पीछे की साजिशें भी सार्वजनिक होंगी। राजनीतिक महत्त्वाकांक्षा और साम्प्रदायिक तनाव को लेकर चल रही जांचों से आगामी दिनों में और खुलासे हो सकते हैं।











