Ambikapur News : शारदीय नवरात्रि के महाअष्टमी एवं नवमीं के संधि अवसर पर अंबिकापुर स्थित मां महामाया मंदिर में सरगुजा राजपरिवार की परंपरागत संधि पूजा बड़े ही विधि-विधान और आस्था के साथ सम्पन्न हुई। राजपरिवार के वर्तमान मुखिया एवं प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने पारिवारिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए मां महामाया का विशेष श्रृंगार और पूजा-अर्चना की।

मां महामाया को सरगुजा राजपरिवार की कुलदेवी माना जाता है और दशकों से नवरात्रि के अवसर पर संधि पूजा का आयोजन राजपरिवार की विशेष परंपरा रही है। पूजा के पश्चात राजपरिवार ने मां समलाया व रघुनाथ पैलेस में फाटक एवं द्वार पूजा कर औपचारिक रूप से दशहरे की शुरुआत की। परंपरा के अनुसार, पैलेस में सबसे पहले बैगा पूजा करते हैं और उनकी अनुमति के बाद ही राजपरिवार के सदस्य अंदर प्रवेश करते हैं।


राजमहल की कचहरी में गद्दी पर बैठकर टीएस सिंह देव ने परंपरा निभाते हुए उपस्थित लोगों से हालचाल लिया। इस अवसर पर राजपुरोहित एवं बैगाओं ने विधिवत पूजा संपन्न कराई।आगामी दशहरा पर्व पर 2 अक्टूबर को दोपहर 12:30 से 2:00 बजे तक शस्त्र पूजा और नगाड़ा पूजा सहित विभिन्न अनुष्ठान होंगे। इसके बाद सरगुजा पैलेस आमजन के लिए दर्शनार्थ खोल दिया जाएगा।
संधि पूजा में राजपुरोहित द्विपेश पांडेय, बालकृष्ण पाठक, डॉ. एमपी अग्रवाल, शशीभाल सिंह, इंद्रजीत सिंह धंजल, विनोद गुप्ता, आशीष वर्मा, अनिल सिंह, अमित सिंह, सतीश बारी, ऋषिकेश मिश्रा, सी. अनिल, नवीन अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में राजपरिवार के सदस्य, मंदिर पुजारी और बैगा उपस्थित रहे।











