Abujhmad Naxal News: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र अबूझमाड़ में सुरक्षाबलों को एक बार फिर बड़ी सफलता मिली है। नारायणपुर जिले के धनोरा थाना क्षेत्र से नक्सल डंप बरामद हुआ है, जिसमें भारी मात्रा में विस्फोटक, हथियार और अन्य युद्धक सामग्री शामिल हैं। इस कार्रवाई से नक्सलियों की मंशा पर बड़ा प्रहार हुआ है और उनकी सक्रियता पर शिकंजा कसा गया है।

नक्सली डंप की बरामदगी
सुरक्षाबलों ने धनोरा थाना अंतर्गत ग्राम मोहनार-तोयापारा मार्ग से प्रेशर कुकर बम, बारूद, इलेक्ट्रिक मल्टीमीटर और भरमार बंदूक समेत कई हथियार बरामद किए हैं। इसके अलावा मोहनार-तोयापारा मार्ग पर छिपाए गए विस्फोटक और हथियार भी जब्त किए गए हैं। इस बड़ी बरामदगी से नक्सलियों की घातक साजिशें नाकाम साबित हुई हैं।

संयुक्त सर्च ऑपरेशन में मिली सफलता
यह कार्रवाई जिला बल और आईटीबीपी की 29वीं वाहिनी की संयुक्त कार्रवाई का नतीजा है। पुलिस अधीक्षक रोबिनसन गुड़िया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अक्षय साबद्रा और अजय कुमार के नेतृत्व में चलाए गए इस ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने सर्चिंग के दौरान नक्सल डंप को पकड़ा। फिलहाल बरामद सामग्री की जांच बीडीएस टीम कर रही है।
नेलनार एरिया कमेटी की सक्रियता की आशंका
धनोरा थाना क्षेत्र में नेलनार एरिया कमेटी के नक्सलियों की सक्रियता की आशंका जताई गई है। यह समूह सुरक्षाबलों और आम जनता को नुकसान पहुंचाने के लिए विस्फोटक लगाता रहता है। बरामदगी स्थल के आसपास इनकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इस संयुक्त कार्रवाई से नक्सलियों की आगामी साजिशों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
अबूझमाड़ में लगातार सर्च ऑपरेशन
अबूझमाड़ को नक्सलवादी गतिविधियों का गढ़ माना जाता है, जहां सुरक्षाबल लगातार सर्च ऑपरेशन कर नक्सलियों की हरकतों को रोकने की कोशिश में लगे हैं। पिछले कुछ महीनों में यहां कई बार नक्सल डंप और हथियार बरामद किए जा चुके हैं, जिससे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है।
नक्सल समस्या से निपटने की रणनीति
सरकार और सुरक्षाबल नक्सल समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं। नियमित रूप से किए जा रहे सर्च ऑपरेशन, नक्सलियों के सहयोगियों पर शिकंजा कसना और स्थानीय जनजीवन में सुधार लाने की योजनाएं इसी रणनीति का हिस्सा हैं।अबूझमाड़ में नक्सल डंप बरामदगी ने छत्तीसगढ़ के सुरक्षा बलों की नक्सल विरोधी अभियान को मजबूती दी है। नेलनार एरिया कमेटी की सक्रियता को देखते हुए ऐसे कदम अत्यंत आवश्यक हैं। सुरक्षाबलों की इस सफलता से नक्सलियों की घुसपैठ और उनकी खतरनाक साजिशों को रोकने में मदद मिलेगी, जिससे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनी रहेगी।
Read More: CGPSC scam: CBI ने टामन सिंह सोनवानी को बताया मास्टरमाइंड, 2000 पन्नों का पूरक चालान पेश











