Bulldozer Action : पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हाल ही में नकटी गांव में 80 से अधिक मकानों को तोड़े जाने की घटना पर राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने इस कार्रवाई को अनुचित बताते हुए सवाल उठाया कि जब पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान विधायकों के लिए सेरीखेड़ी में पहले ही प्लाट आवंटित किए जा चुके थे, तो फिर नकटी गांव में गरीब परिवारों को बेघर करने का क्या औचित्य है? बघेल के अनुसार, उनके शासनकाल में जनहित को प्राथमिकता दी गई थी और अधिकारियों के सुझाव के बावजूद उन्होंने नकटी गांव के लोगों को उजाड़ने के बजाय सेरीखेड़ी में विधायकों को जमीन देने का निर्णय लिया था, ताकि किसी का आशियाना न उजड़े।

नया रायपुर में भाजपा का चिंतन शिविर और बघेल का तंज
नया रायपुर के आईआईएम (IIM) में आयोजित हो रहे भाजपा के दो दिवसीय चिंतन शिविर पर पूर्व मुख्यमंत्री ने चुटकी लेते हुए कहा कि यह स्थिति हास्यास्पद है। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में आईआईएम के छात्र और प्रोफेसर सरकारी योजनाओं के धरातलीय प्रभाव को समझने के लिए फील्ड में जाते थे, लेकिन अब भाजपा के नेता वहां प्रशिक्षण लेने जा रहे हैं। बघेल ने कटाक्ष किया कि क्या भाजपा अब आईआईएम में ‘गांव उजाड़ने’ की ट्रेनिंग ले रही है? उन्होंने कहा कि तूता क्षेत्र के निवासियों को भी बेदखली के नोटिस मिलने की सूचनाएं मिल रही हैं, जो कि भाजपा की असंवेदनशीलता को दर्शाता है।

अनुभवी नेताओं की उपेक्षा पर उठाए सवाल
बघेल ने भाजपा के आंतरिक नेतृत्व पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि पार्टी ने अपने अनुभवी और दिग्गज नेताओं जैसे अजय चंद्राकर, अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, बृजमोहन अग्रवाल और राजेश मूणत को किनारे कर दिया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सत्तासीन लोगों में विवेक का अभाव है; यदि उनमें थोड़ा भी विवेक होता, तो वे जनता के घरों को उजाड़ने के बजाय उनके पुनर्वास और मुआवजे की व्यवस्था पहले सुनिश्चित करते। बघेल ने यह भी कहा कि भाजपा की मौजूदा पीढ़ी पुरानी पीढ़ी के नेताओं के राजनीतिक अस्तित्व को धीरे-धीरे समाप्त करने की सुनियोजित नीति पर काम कर रही है।
‘कांग्रेस के नाम के बिना भाजपा का अस्तित्व नहीं’
उपमुख्यमंत्री अरुण साव द्वारा कांग्रेस को लेकर की गई टिप्पणी का जवाब देते हुए बघेल ने कहा कि भाजपा का पूरा अस्तित्व ही कांग्रेस की आलोचना पर टिका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपने भाषणों की शुरुआत कांग्रेस के नाम से ही करते हैं। बघेल ने तंज कसा कि यदि भाजपा कांग्रेस का नाम लेना छोड़ दे, तो वह ताश के पत्तों की तरह बिखर जाएगी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा का जनाधार कम हो रहा है और कई राज्यों में वे आज भी हाशिए पर हैं। कांग्रेस ने देश भर में सरकारें बनाई हैं, जबकि भाजपा केवल कांग्रेस को बदनाम करके ही सत्ता में रहने का प्रयास कर रही है।











